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जानें आखिर क्यों अड़े हैं महाराष्ट्र में किसान, ये हैं इससे जुड़ी 6 अहम बातें

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 12 2018 11:44AM IST
जानें आखिर क्यों अड़े हैं महाराष्ट्र में किसान, ये हैं इससे जुड़ी 6 अहम बातें

महाराष्ट्र में अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का दल 180 किमी पैदल यात्रा करके आजाद पार्क मुंबई पहुंचे। किसानों की इस पैदल यात्रा में पूरे महाराष्ट्र के किसानों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। ये किसान अपनी मांगो को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

किसानों की इस विशाल रैली ने लोगों का दिल जीत लिया है। किसान इस आंदोलन के माध्यम से ये समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वे क्यों सरकार के खिलाफ पदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांगें क्या हैं? महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन के पीछे कई कारण हैं। आइए जानते हैं किन कारणों के चलते महाराष्ट्र के किसान राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

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1- भारतीय किसान सभा वाम पार्टी सीपीएम का एक किसान विंग है, जो दूसरे किसान यूनियन्स के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ा रहा है। किसानों की इस पैदल यात्रा का आयोजन बीते मंगलवार को नासिक में शुरू हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इसमें करीब 15,000 प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे। 

वहीं किसान यूनियन्स का कहना है कि सरकार विरोधी इस आंदोलन में 50,000 किसान हैं लेकिन विरोध कर रहे किसानों की वास्तविक संख्या 34,000 है। इन किसानों की आज महाराष्ट्र विधान सभा का घेराव करने की योजना है।

2- हज़ारों की तादाद में प्रदर्शन कर रहे इन किसानों की मांग बिना किसी शर्त के बैंक लोन और बिजली बिल माफ करने की है। इन किसानों का कहना है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। इसके अलावा कृषि उत्पादों की न्यून्तम समर्थन मूल्य पर सरकार अपना रुख साफ करे साथी किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाए।

3- मुंबई के आजाद पार्क में प्रदर्शन कर रहे इस किसानों का मुख्य कारण है कि महाराष्ट्र में अनिश्चितकालीन बारिश और सूखे के चलते राज्य में बड़े पैमाने पर फसलें सूख जाती हैं, जिससे किसानों की माली हालत चरमरा गई है। जबकि महाराष्ट्र में किसानों को सरकार ने लोन की सुविधा दी है। लेकिन सरकार ने इस पर पूरी तरह से अपना रुख साफ नहीं किया है। 

4- इस विरोध प्रदर्शन में शामिल कई किसानों का कहना है जब तक सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं करेगी। तब तक वे वापस घर नहीं लौटेंगे। विरोध कर रहे किसान विश्वनाथ बागमारे का कहना है कि उनके बेटे ने साल 2011 में आत्महत्या कर ली थी। उसकी आत्महत्या के पीछे साल 2008 में बैंक से लिया गया 1.50 लाख रुपये का कर्ज था जिसे उसने नहीं चुकाया था।  

5- किसानों के विरोध प्रदर्शन से महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी हिल गए हैं। उन्होंने बीते रविवार 11 मार्च को उच्च बैठक कर हालात का जायजा लिया। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बयान में कहा कि हम किसानों की मांग पर सकारात्मक कदम उठाएंगे, हमने इस मसले पर 6 सदस्यीय कैबिनेट समिति का गठन किया है, जिसमें किसानों की मांग पर चर्चा की जाएगी।  

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6- किसानों की इन मांगों को कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन किया है। नेशनल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र कांग्रेस राज्य इकाई के अध्यक्ष अशोक चाव्हण, शिन सेना के नेता आदित्य ठाकरे सहित महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी किसानों के पक्ष में आ गए हैं।

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why farmers are protest in maharashtra with 6 important points

-Tags:#Maharashtra#Kisan#Farmers#Mumbai#Devendra Fadnavis

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