Breaking News
Top

इस वजह से चाहकर भी कोर्ट नहीं दे सकता था मुंबई ब्लास्ट के दोषी अबू सलेम को फांसी की सजा

अदिति पांडेय, टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 7 2017 1:26PM IST
इस वजह से चाहकर भी कोर्ट नहीं दे सकता था मुंबई ब्लास्ट के दोषी अबू सलेम को फांसी की सजा

12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों में आज गुरुवार को मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 12 मार्च  को हुए बॉम्बे ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हो गई थी करीब 700 लोग घायल हुए थे।

 
12 मार्च 1993 में मुंबई में हुआ ब्लास्ट 26/11 को हुए हमले से भी भयानक था। 12 मार्च को लगभग 1:30 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इमारत के बेसमेंट में खड़ी एक कार में जोरदार ब्लास्ट हुआ जिसके बाद पूरी इमारत में आग लग गई और 28 मंजिला इमारत में करीब 50 लोगों की मौत हो गई। उसके बाद उसी दिन 3 बजकर 40 मिनट तक लगभग 13 धमाके हो चुके थे। 
 
 
टाडा कोर्ट ने अबू सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाई है मगर चाहते हुए भी उसे फांसी की सजा नहीं सुनाई जा सकी, आइए जानते हैं उसकी वजह
 
अबू सलेम को नवंबर, 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था। पुर्तगाली नियमों के मुताबिक भारत सलेम को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती थी।पुर्तगाल भारत के प्रत्यर्पण निदेशालय से एक समझौते पर हस्ताक्षर करवाए, जिनमें निदेशालय ने ये वादा किया कि वो सलेम को सुनवाई के बाद फांसी की सजा नहीं दी जाएगी और इस वजह से सलेम को कोर्ट चाहकर भी फांसी की सजा नहीं सुना पाया।
 
(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
this is the reason why court was not able to give death sentence to abu salem

-Tags:#Special Tada Court#Mumbai Blast#Mumbai Blast Case#Abu Salem
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo