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केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, खारिज की स्कूलों में योग अनिवार्य की याचिका

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 8 2017 2:02PM IST
केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, खारिज की स्कूलों में योग अनिवार्य की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश भर में कक्षा 1 से 8 तक स्कूल के छात्रों के लिए योग अनिवार्य की याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में योग के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने की भी मांग की गई।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अपने फैसले की घोषणा करते हुए, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केवल सरकार को ऐसे मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार है। 

पीठ ने कहा, "हम कहने का कोई भी नहीं है कि स्कूलों में क्या पढ़ाया जाना है। यह हमारा काम नहीं है तो हम इस पर कैसे कोई भी निर्देशित दे सकते हैं।'

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में वकील और दिल्ली भाजपा प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय और जे.सी सेठ ने याचिका दायर की थी। जिसमें मांग की गई थी कि देश के सभी स्कूलों की एनसीईआरटी, एनसीटीई और सीबीएसई को '1 से 8 तक के छात्रों के लिए योग अनिवार्य किया जाना चाहिए।

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याचिका में कहा गया था कि हमारे ऊपर देश के सभी नागरिकों, विशेषकर बच्चों के लिए गुणवत्ता स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने का दायित्व है। 

याचिका में ये भी कहा गया, 'सभी नागरिकों को विशेष रूप से बच्चों और किशोरावस्था के युवाओं को  स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रदान करने का राज्य का दायित्व है।'  

उन्होंने आगे कहा कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य का अधिकार "योग और स्वास्थ्य शिक्षा" और इसे बढ़ावा देने के लिए एक "राष्ट्रीय योग नीति" के बिना संभव नहीं होगा। याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, 'स्कूलों में क्या पढ़ाया जाना है उसमें दखल देना का हमारा मौलिक अधिकार नहीं है।'

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supreme court rejects plea to make yoga compulsory in schools says it is govt business

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