Breaking News
Top

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला- किसी महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति जरूरी नहीं

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 28 2017 10:53AM IST
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला- किसी महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति जरूरी नहीं

गर्भपात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गर्भपात के लिए किसी महिला को अपने पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है। शीर्ष अदालत का यह फैसला उस पति का याचिका पर आया, जो अपनी पत्नी से अलग हो चुका है। 

बालिग महिला को गर्भपात का पूरा हक

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी बालिग महिला को गर्भ में पल रहे बच्चे को जन्म देने या उसका गर्भपात कराने का निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। ऐसी महिला के लिए गर्भपात पर फैसला लेने के लिए पति की सहमति जरूरी नहीं है। 

यह भी पढ़ें: CM रुपानी के आरोप पर अहमद पटेल ने दी सफाई, कहा- सियासत ना करे भाजपा

हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले से सहमति 

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस ए. एम. खानविलकर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा, 'पति-पत्नी के बीच खटासभरे रिश्तों के मद्देनजर महिला का गर्भपात का फैसला बिल्कुल कानून सही है।' इस तरह शीर्ष अदालत ने भी हाई कोर्ट के फैसले से सहमति जताई है।

पति ने लगाया था 'अवैध' गर्भपात का आरोप

बता दें कि याचिकाकर्ता पति ने सुप्रीम कोर्ट में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने भी याचिकाकर्ता की याचिका नामंजूर करते हुए कहा था कि महिला गर्भपात का निर्णय अकेले ले सकती है। 

यह भी पढ़ें: अयोध्या में राम मंदिर विवाद सुलझाने को आगे आए श्रीश्री रविशंकर

हरियाणा के पानीपत के रहने वाले याचिकाकर्ता पति ने याचिका में आरोप लगाया था कि नाराज पत्नी ने अपने परिजनों और दो डॉक्टरों के साथ मिलकर 'अवैध' गर्भपात किया है। इस गर्भपात से पहले उसकी सहमति जरूर लेनी चाहिए थी।  

 
(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
supreme court important verdict on abortion says husband consent not required for abortion for women

-Tags:#Supreme Court#Abortion#Women Rights
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo