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सु्प्रीम कोर्ट ने लगाई एक बार में तीन तलाक कहने पर रोक, तीन तलाक पर नहीं

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 22 2017 5:39PM IST
सु्प्रीम कोर्ट ने लगाई एक बार में तीन तलाक कहने पर रोक, तीन तलाक पर नहीं

कई महीने से सुर्खियों में रहे तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाकर मुस्लिम समाज में चल रही तीन तलाक की प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले की व्याख्या में तथ्यात्मक गलती होने की संभावना है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक ही बार में 3 तलाक कहकर पत्नी को त्यागने की मुस्लिम समाज में प्रचलित कुप्रथा पर रोक लगाई है ना कि 3 तलाक पर। 

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बताते चले कि मुस्लिम समाज में तलाक की जो प्रथा चल रही थी। इसमें महिला का पति से किसी बात पर झगड़ा होने पर या पारिवारिक विवाद होने पर फोन, मैसेज, के द्वारा पति तीन बार तलाक,तलाक,तलाक कहकर बीबी को तलाक दे देता है।

जिसके बाद मान लिया जाता था कि पति-पत्नी के बीच सारे संबंध समाप्त हो गए है। लेकिन तलाक के बाद अगर फिर से पति-पत्नी को एक साथ रहना होता है तो हलाला की प्रक्रिया से गुजरना होगा। लेकिन तलाक की यह प्रक्रिया अधिकतर इस्लामी देशों में प्रतिबंधित है। 

तीन तलाक तीन अलग-अलग मौकों पर

इस्लामी देशों में अधिकतर तलाक की जो प्रक्रिया चलन में है। उसमें अगर पति ने अपनी पत्नी को तलाक देने का अगर फैसला कर लिया है तो उसे उसे पत्नी के मासिक धर्म खत्म होने का इंतजार करना होता है। फिर शारीरिक संबंध बनाए बगैर एक बार तलाक देना होता है।

इस तरह तलाक मिलने के बाद पत्नी को तीन मासिक धर्म की अवधि तक, पति के घर रहना होगा, जिसे इद्दत कहा गया है। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध अगर नहीं बनता है और ना पति अपने तलाक के फैसले को वापस लेता है तो दोनों के बीच तलाक हो जाएगा।

अगर दोनों दोबारा साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें फिर से शादी करनी होगी। अगर इद्दत की अवधि पूरी होने से पहले दोनों के बीच सुलह हो जाती है तो दोनों पहले की तरह रह सकते हैं। उनको शादी करने की जरूरत नहीं होगी।

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लेकिन अगर जिंदगी में फिर कभी अगर पति अपनी पत्नी को तलाक देने का फैसला करता है तो वह दूसरी बार भी तलाक देने का अधिकार रखता है और उसको पहले की तरह की प्रक्रिया ही अपनानी होगी। इसके बाद भी दोनों आपस में शादी कर सकते हैं। 

पति जब तीसरी बार तलाक देगा तो वह अपनी पत्नी से शादी करने का अधिकार खो देता है। उस स्थिति में महिला किसी अन्य पुरुष के साथ शादी करने का अधिकार रखती है। पहले वाले पति से तभी उसकी शादी हो सकती है जबकि मौजूदा पति की मौत हो जाए या किसी वजह से वह तलाक दे दे।

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supreme court bans three divorces at one time prohibits three divorce

-Tags:#Supreme Court#Triple Talaq

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