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भारतीय वायुसेना के लिए बेहद जरूरी है ये डील, नहीं की तो हो सकता हैं बड़ा खतरा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 3 2017 11:19AM IST
भारतीय वायुसेना के लिए बेहद जरूरी है ये डील, नहीं की तो हो सकता हैं बड़ा खतरा

भारत अपनी आसमानी सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है इसी को ध्यान में रखकर भारत ने इजरायल, रूस के साथ 2003 में एयरबोर्न वॉर्निंग कंट्रोल सिस्टम्स को खरीदने की डील का करार किया गया था, जिसकी डील अभी तक नहीं की गयी है। इस डील का मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में पडा है, इस डील के तहत 7035 करोड़ रूपये से रूसी इलीशिन-76 विमान खरीदें जाने थे।

एयरबोर्न वॉर्निंग कंट्रोल सिस्टम्स (अवाक्स) को आसमान की आंख कहा जाता है अवाक्सा सिस्टम से आसमान में मडरा रहे दुश्मन की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है दुश्मन के खतरे से समय रहते निपटा जा सकता है। ये सिस्टम देश की सीमा की सुरक्षा में आचूक नजर बनाए रखता है।

डील को ठंडे बस्ते में देखते हुए वायुसेना ने इस सिस्टम को अपने आप बनाने का प्रयास किया था लेकिन उसकी प्रक्रिया काफी धीमी गति की है। वहीं अगर पड़ोसी देशों की बात की जाए, तो चीन-पाकिस्तान इस सुविधा से पहले से ही लैस हैं। जो कि भारतीय वायुसेना के लिए गम्भीर चिंता का विषय है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अवाक्स सिस्टम किसी भी रडार की तुलना में कहीं ज्यादा तेज और सटीकता से आसमान में दुश्मन देशों के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन आदि की जानकारी जुटा सकात हैं। 

फिलहाल भारत के पास दो एयरबस-303 विमान है, जो इज़राइली रडार की तरह 360 डिग्री निगरानी रख सकते है, आईएल-76 विमानों को इजराइल से खरीदने को लेकर बात हुई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के इस साल इजराइल दौरे पर भी डील कम्पलीट नहीं हो सकी थी।

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-Tags:#Indian Air Force#Defence Mininster#Nirmala Sitharaman
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