Top

चीन और पाक को झटका, भारत की NSG सदस्यता के लिए रूस का समर्थन

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Dec 8 2017 12:58AM IST
चीन और पाक को झटका, भारत की NSG सदस्यता के लिए रूस का समर्थन

रूस ने चीन और पाकिस्तान को जोर का झटका देते हुए भारत के प्रति अपनी पुरानी दोस्ती को एक बार फिर साबित किया है। मास्को ने कहा है कि एनएसजी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी को पाकिस्तान के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।

मास्को इस बारे में विभिन्न स्तर पर चीन के साथ चर्चा कर रहा है। बता दें कि चीन लगातार न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की सदस्यता का विरोध कर रहा है। चीन इस पक्ष में है कि 48 सदस्यों वाले एनएसजी ग्रुप के विस्तार के लिए एक कसौटी तय की जाए बजाय इसके कि मेरिट के आधार पर किसी देश को सदस्यता मिले।

इसे भी पढ़ें- चीन की इस चाल में फंस गया पाकिस्तान, डूबा 50 अरब डॉलर के कर्ज में

आपको बता दें कि एनएसजी ग्रुप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु व्यापार को नियंत्रित करती है। भारत अपनी दावेदारी के मुकाबले चीन के इस विरोध को पाकिस्तान के पक्ष में मानता है।

रूस के उप विदेश मंत्री बोले-पाक के आवेदन पर सर्वसम्मति नहीं

बुधवार को यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया, जब रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने विदेश सचिव एस.जयशंकर से मुलाकात की। विदेश सचिव एस.जयशंकर से मुलाकात के बाद रयाबकोव ने कहा,एनएसजी सदस्यता की दावेदारी के लिए पाकिस्तान के आवेदन पर कोई सर्वसम्मति नहीं है और इसे भारत की दावेदारी के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।

यह पहली बार है जब रूस के किसी सीनियर डिप्लोमेट ने सार्वजनिक रूप से दो मामलों को एक साथ जोड़ने पर प्रतिक्रिया दी हो। उन्होंने कहा, हम इस मसले की जटिलताओं से परिचित हैं,लेकिन हम उन देशों की तरह नहीं जो केवल बात करते हैं। हम वास्तविक रूप से कोशिश कर रहे हैं।

हम इस मुद्दे पर चीन के साथ विभिन्न स्तर पर बात कर रहे हैं। बता दें कि इस साल की शुरुआत में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत ने चीन को समझाने के लिए रूस से संपर्क किया है। बता दें कि चीन भारत को मेरिट के आधार पर एनएसजी की सदस्यता देने का विरोध कर रहा है।

चीन तभी मानेगा जब सभी देश करेंगे प्रयास

हालांकि मास्को का मानना है कि जब तक सभी देश इस बारे में प्रयास नहीं करते हैं, तब तक चीन मानने को तैयार नहीं होगा। रयाबकोव ने अपने बयान में मुद्दे के राजनीतिकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि दूसरे देशों को भारत की सदस्यता के लिए और ज्यादा सकारात्मक प्रयास करने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया। रयाबकोव ने मुख्य निर्यात नियंत्रण व्यवस्था के साथ भारतीय की सदस्यता का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि गुरुवार को जल्द से जल्द भारत वासेनार समझौते का हिस्सा बनेगा। 41 देशों के वासेनार समूह का चीन सदस्य नहीं है। यह समूह मुख्य निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं में से एक है।

किसी देश के साथ संबंध भारत के साथ रिश्तों की कीमत पर नहीं

रूसी डिप्लोमेट ने यह स्वीकार किया कि रूस पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने में जुटा हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद के साथ संबंधों में रूस का कोई छिपा हुआ एजेंडा नहीं है। रयाबकोव ने कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि दुनिया में किसी भी देश के साथ रूस के संबंध भारत के साथ रिश्तों की कीमत पर नहीं बनेंगे।

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
russia to support indias nsg membership

-Tags:#Russia#NSG#India NSG Membership#NSG Group
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo