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रोहिंग्या मुसलमान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इमोशनल नहीं कानूनी लड़ाई है

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 4 2017 11:48AM IST
रोहिंग्या मुसलमान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इमोशनल नहीं कानूनी लड़ाई है

सुप्रीम कोर्ट रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने के मुद्दे पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में दोनों पक्ष भावनात्मक पहलू पर बहस से बचें, सिर्फ कानूनी पहलू पर ध्यान दिया जाएगा।

पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने 18 सितंबर को रोहिंग्या के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 16 पन्नों का हलफनामा दाखिल कर कुछ कारण बताए थे। तब राजनाथ ने कहा कि जो भी फैसला होगा वो कोर्ट के मुताबिक होगा। बता दें कि दो रोहिंग्या शरणार्थियों ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ पिटीशन फाइल की है।

केस मानवता से जुड़ा है

सीजेआई जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने मंगलवार को कहा, 'इस मामले में सभी पक्ष इमोशनल पहलू पर बहस से बचें, सिर्फ कानूनी पहलू पर ही ध्यान दिया जाएगा। ये केस मानवता से जुड़ा है और सुनवाई में आपसी सम्मान की जरूरत है।

बेंच ने ये भी कहा, रोहिंग्या पर सरकार के रुख समेत कई पहलुओं पर सुनवाई की जाएगी। सरकार का तर्क है कि यह मामला कोर्ट में सुनवाई करने के लायक नहीं है।

कोर्ट ने दोनों पार्टियों (केंद्र और दो रोहिंग्या शरणार्थियों) से कहा कि सभी केस से जुड़े दस्तावेज और इंटरनेशनल कंवेशन की जानकारी कोर्ट को सौंपी जाए ताकि इनसे मदद मिल सके।

आगे स्लाइड्स में जानिए कौन है रोहिंग्या मुसलमान और क्या है पूरा मामला...

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