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नहीं रहे विज्ञान को चुटकियों में समझाने वाले वैज्ञानिक यश पाल, 91 की उम्र में अंतिम सांस

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 25 2017 9:52AM IST
नहीं रहे विज्ञान को चुटकियों में समझाने वाले वैज्ञानिक यश पाल, 91 की उम्र में अंतिम सांस

देश के बड़े वैज्ञानिक और शिक्षाविद् प्रोफेसर यश पाल का मंगलवार को सुबह 3 बजे नोएडा के एक निजी अस्पताल में 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। प्रो. यश पाल के करीबियों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार नोएडा में ही किया जाएगा। प्रो. यश पाल को देश उनके साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दिए बहुमूल्य योगदान के लिए हमेशा याद रखेगा। 

प्रोफेसर यश पाल का जन्म 26 नवंबर 1926 को हरियाणा में हुआ था। प्रो. यश पाल को 1976 में पद्म भूषण और 2013 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनके वैज्ञानिक कॅरियर की शुरुआत टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से हुई थी। 1973 में सरकार ने उन्हें स्पेस ऐप्लीकेशन सेंटर का पहला डायरेक्टर नियुक्त किया। 1983-84 में वह प्लानिंग कमिशन के चीफ कंसल्टेंट भी रहे।

प्रो. यश पाल साल 2007 से 2012 तक देश के बड़े विश्व विद्यालयों में से दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के वाइस चांसलर भी रहे। साल 2009 में विज्ञान को बढ़ावा देने और उसे लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाने की वजह से उन्हें UNESCO ने कलिंग सम्मान से नवाजा था। 

प्रो. यश पाल को कौसमिक किरणों पर अपने गहरे अध्ययन के लिए भी जाना जाता है। टीवी पर विज्ञान से जुड़े कार्यक्रमों में वह कुछ साल पहले तक अकसर नजर आया करते थे। विज्ञान से जुड़ी मुश्किल बातों को भी आसान भाषा और सहज तरीके से समझाने के चलते वह विज्ञान के छात्रों के बीच भी काफी लोकप्रिय थे।

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renowned academic professor yash pal dies at 90

-Tags:#Professor Yash Pal#JNU#ISRO
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