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EXCLUSIVE: मंत्रियों का इस्तीफा-मोदी का मास्टर स्ट्रोक

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 1 2017 10:40AM IST
EXCLUSIVE: मंत्रियों का इस्तीफा-मोदी का मास्टर स्ट्रोक

मोदी कैबिनेट से उमा भारती, कलराज मिश्र, राजीव प्रताप रूडी, संजीव बाल्यान, महेंद्रनाथ पांडेय और निर्मला सीतारमण के इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में अगले एक-दो दिन में अहम बदलाव कर सकते हैं। सरकार और संगठन के स्तर पर इसे लेकर माथापच्ची जारी है।

इसी क्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर पर कम से कम 8 केंद्रीय मंत्रियों ने पहुंचकर हाजिरी लगाई। इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल थे जो मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से रक्षा मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे हैं। केन्द्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल शनिवार की शाम या रविवार की सुबह हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट में लगी इस्तीफों की होड़, उमा, रूडी और कुलस्ते ने दिया इस्तीफा

दरअसल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार (1 सितंबर) और शनिवार को तिरुपति बाला जी के दौरे पर हैं। वे रविवार को दिल्ली लौटेंगे और उसके बाद 3 से 5 सितम्बर तक नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करने जाएंगे। मोदी सरकार के कार्यकाल का ये तीसरा मंत्रिमंडल फेरबदल है। इसे लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस के बीच लगातार मंथन हुआ है।

कई मंत्रियों पर गिरेगी गाज

माना यह भी जा रहा है कि अमित शाह ने इस चाल से केंद्रीय मंत्रियों की नींद उड़ गई है । पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों को वापिस संगठन में भेजा जा सकता है और कुछ को राज्यपाल का पद दिया जा सकता हैं।

इसके अलावा ओर कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है और कुछ के विभाग भी बदले जा सकते हैं। जिन मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है उनमें जो नाम चर्चाओं में है उनमें कलराज मिश्रा, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूडी और उमा भारती, महेश शर्मा के नाम शामिल हैं।

जेटली ने दिए संकेत

कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को गुरुवार को तब और बल मिला जब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पत्रकारों को कहा कि अब वो ज्यादा दिन तक रक्षा मंत्री नहीं रहने वाले हैं। बता दें कि मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद अरुण जेटली पर रक्षा मंत्रालय का भी जिम्मा है। सूत्रों के मुताबिक उनसे एक या दो मंत्रालयों का जिम्मा लेकर उनका भार कम किया जा सकता है।

मुख्य बिन्दू

* प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का तीसरा फेरबदल

* पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष शाह व आरएसएस में हुआ गहन मंथन

* रविवार शाम या सोमवार सुबह हो जाएगा नामों का खुलासा

* राष्ट्रपति के दौरे के कारण टला विस्तार कार्यक्रम

शाह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

इस बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी लेकर अफवाहों का बाजार गरम है। कयास लगाये जा रहे हैं कि अमित शाह 2019 के आम चुनाव से पहले सरकार में शामिल हो सकते हैं। इस बीच अमित शाह ने कैबिनेट में फेरबदल और गुजरात चुनाव को लेकर आठ केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इनमें वरिष्ठ मंत्री एवं गुजरात के चुनाव प्रभारी अरूण जेटली के अलाव केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पी पी चौधरी, जितेन्द्र सिंह, निर्मला सीतारमण शामिल हैं। बैठक में संगठन मंत्री रामलाल एवं वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र यादव भी मौजूद थे।

गड़करी को मिल सकता है रेल मंत्रालय

मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चल रहीं संभावनाओं के बीच यह भी माना जा रहा है कि नितिन गड़करी को रेल मंत्री सुरेश प्रभु का प्रभार भी सौंपा जा सकता है। फिलहाल सुरेश प्रभु से इस्तीफा नहीं लिया गया है।

सहयोगी पार्टियों को भी देना है स्थान

मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए का हिस्सा बनी एआईएडीएमके को एक कैबिनेट मंत्री सहित तीन सीटें ऑफर की जा सकती हैं। इसी प्रकार जनता दल यूनाइटेड को दो सीटें दी जा सकती हैं चूंकि ये दोनों मंत्री बिहार के होंगे, इसलिए इस राज्य के दूसरे मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कर्नाटक जैसे राज्य जहां जल्द ही चुनाव होने हैं, वहां का प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में बढ़ाया जा सकता है।

कुछ को बनाया जाएगा राज्यपाल

एनडीए के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को राज्यपाल बनाकर भेजा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस समय राज्यपाल के छह पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए उम्रदराज हो चुके मंत्रियों को आगे किया जा सकता है।

वेंकैया की जगह भरना है

पिछले महीने वेंकैया नायडू केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर उपराष्ट्रपति चुने गए। उनके शहरी आवास मंत्रालय को एक वरिष्ठ मंत्री की दरकार है। नायडू के शहरी विकास और आवास तथा गरीबी उन्मूलन मंत्रालय को ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा गया है जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को मिला है। तोमर और ईरानी के साथ-साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री हर्षवर्धन भी अतिरिक्त विभागों के प्रभार संभाल रहे हैं।

जदयू को मिलेगा ईनाम

नरेन्द्र मोदी सरकार बिहार में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए जेडीयू को बडा ईनाम दे सकती है। राजनीतिक महकमों में चर्चा है कि जदयू के दो नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। नीतीश के करीबी और राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह और पूर्णिया से लोकसभा सांसद संतोष कुशवाहा मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

कई मंत्रियों पर गिरेगी गाज

माना यह भी जा रहा है कि अमित शाह ने इस चाल से केंद्रीय मंत्रियों की नींद उड़ गई है । पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों को वापिस संगठन में भेजा जा सकता है और कुछ को राज्यपाल का पद दिया जा सकता हैं । इसके अलावा ओर कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है और कुछ के विभाग भी बदले जा सकते हैं। जिन मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है उनमें जो नाम चर्चाओं में है उनमें कलराज मिश्रा, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूडी और उमा भारती, महेश शर्मा के नाम शामिल हैं।

नये चेहरो को सरकार में दी जा सकती है जगह

उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद पहली बार कैबिनेट विस्तार में मोदी सरकार नये चेहरों को जगह दे सकती हैं माना जा रहा है कि संघ के करीबी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव को कैबिनेट में कोई महत्वपूर्म जगह दी जा सकती हैं। वही दूसरी ओर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश के प्रभारी विनय सहास्त्रबुद्धे को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती हैं। इसी क्रम में अमित शाह के खास भूपेंद्र यादव को केंद्रीय मंत्री बनाने का भी मौका मिल सकता है।

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pm modi master stroke on ministers resignation cabinet reshuffle

-Tags:#Resignation#Modi Cabinet#Uma Bharti#Rajiv Pratap Rudy#Narendra Modi#Amit Shah#Nitin Gadkari
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