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भारत में बचत घटने से पड़ सकते हैं पेंशन के लाले

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 21 2017 6:10PM IST
भारत में बचत घटने से पड़ सकते हैं पेंशन के लाले
नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद देश की अर्थव्यवस्था पर कुछ समय के लिए नकारात्मक असर देखने को मिल रहे हैं। खास बात यह है कि देश में पिछले तीन सालों से रोजगार में भी बढ़ोतरी नहीं हो रही है। इसके साथ ही बैंकों ने बचत पर भी ब्याज दरों को घटा दिया है। 
 
इस असर आम लोगों के साथ नौकरी-पेशा लोगों की आय पर भी देखने को मिल रहा है। लोगों की बचत कम हो रही हैं और ऐसे में देश में आने वाले समय में पेंशन संकट भी पैदा हो सकता है। 
 
वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम की रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में पेंशन प्रोग्राम की हालत बेहद खराब है। सिर्फ 7.4 फीसद कामकाजी लोग ही पेंशन से जुड़े हैं। जबकि जर्मनी में यह आंकड़ा 65 फीसद और ब्राजील में 31 फीसद है। 
 
भारत में अनौपचारिक सेक्टर में तो और भी बुरा हाल है। यहां तो पेंशन फंड का इस्तेमाल बहुत ही कम है। इसकी वजह है कि हमारे देश में वित्तीय क्षेत्र में रिटायरमेंट प्लान्स में विविधताओं की भी कमी है। 
 
रामादौराय कमेटी के मुताबिक भारत में 50 फीसद परिवार अपने बच्चों की आय पर ही निर्भर हैं। 10 फीसद लोग ही सरकारी पेंशन स्कीम का लाभ उठा पा रहे हैं। ऐसे में अगर पेंशन स्कीम को सरकार बढ़ाती है तो इसके फंड का संकट भी खड़ा हो सकता है। 
 
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-Tags:#Pension crisis#India#savings#Indian economy#Tarun Ramadorai#RBI
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