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एनएसजी के पास होंगे मेलिनोइस नस्ल के डॉग, आतंकवादियों का बचना मुश्किल

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 8 2017 2:08AM IST
एनएसजी के पास होंगे मेलिनोइस नस्ल के डॉग, आतंकवादियों का बचना मुश्किल

अब आतंकवादियों का बचना मुश्किल होगा। एनएसजी के पास होंगे मेलिनोइस नस्ल के डॉग। ये डॉग के-9 विजन से हो चुके हैं लैस।

ये उसी डॉग की नस्ल हैं जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान के एबोटाबाद में कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन में किया गया था।

वास्तव में एनएसजी के लिए के-9 विजन सिस्टम से लैस ये ट्रेंड डॉग्स कई सफल अभियानों को अंजाम भी दे चुके हैं।

फ्रांस से लाए गए हैं ये डॉग

के-9 विजन सिस्टम टेक्नोलॉजी से लैस फ्रांस से लाए गए इन ट्रेंड डॉग्स के साथ एनएसजी अमेरिका के शील कमांडो और इजरायली कमांडो जैसे विश्व के एलीट कमांडो फोर्स में शामिल हो चुकी है।

एनएसजी के मानेसर हब में गुरुवार को नेशनल के-9 सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें फ्रांस से लाए गए इन ट्रेंड डॉग्स को प्रदर्शित किया गया।

के-9 विजन सिस्टम के तहत इन ट्रेंड डॉग्स को कैमरा लगा गॉगल पहनाया जाता है, जिसकी मदद से एनएसजी के कमांडो डॉग्स के आगे और पीछे के दृश्य देख सकते हैं। इसके जरिए छिपे हुए आतंकवादियों के लाइव विजुअल लिए जा सकते हैं।

कैसे काम करेगा के-9 विजन सिस्टम

के-9 विजन सिस्टम को एनएसजी के पास मौजूद बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के डॉग के सिर पर चश्मे की तरह पहना दिया जाता है।

इस विजन सिस्टम में डॉग के आंख के ऊपर दो कैमरे और एक कैमरा पीछे लगा होगा।

के-9 विजन सिस्टम से लैस इन ट्रेंड डॉग्स को उसका हैंडलर जिस दिशा में भेजेगा उस दिशा का पूरी वीडियो रियल टाइम मिलता रहेगा।

यही नहीं 500 ग्राम के इस गॉगल नुमा विजन सिस्टम में डॉग के कान में एक कॉर्डलेस ईयर फोन भी लगा रहेगा। इस ईयर फोन से डॉग अपने हैंडलर से मिले निर्देशानुसार तेजी से अपनी लोकेशन बदल सकेगा। सबसे खास बात यह है कि आतंकी अगर एक जगह से दूसरी जगह भाग रहा हो तो एनएसजी के डॉग हैंडलर कमांडो डॉग्स के कान में लगे ईयर फोन के जरिए उन्हें आतंकवादी का पीछा करने का निर्देश भी दे सकते हैं। आतंकवादी का पीछा करने के दौरान भी एनएसजी कमांडोज को रियल टाइम वीडियो मिलती रहेगी।

हाई टेक के-9 डॉग्स की संख्या बढ़ेगी

एनएसजी में इस समय बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के करीब दो दर्जन डॉग्स हैं।

ये मेलिनोइस डॉग्स एनएसजी के 'ब्लैक कैट' कमांडो के आतंकवाद निरोधक अभियान का अभिन्न अंग बन चुके हैं।

एनएसजी के खोजी कुत्तों के स्पेशल दस्ते 'के 9' में काम करने वाले फोर्स के अफसर ने कहा कि ये कुत्ते एनएसजी के ऑपरेशन विंग में काफी सालों से काम कर रहे हैं।

दुनियाभर में स्पेशल फोर्स ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान में इन कुत्तों की अहमियत समझी है।

बेल्जियन मेलिनोइस किस्म के ये डॉग्स बड़े सिर और चौड़ी नाक की मदद से बिना कोई गलती किए संदिग्ध मनुष्यों, विस्फोटकों और आईईडी की गंध पहचान सकते हैं।

खासियत भौंकते नहीं हैं

इन मेलिनोइस डॉग्स की एक और खासियत यह है कि ये अन्य खोजी कुत्तों की तरह भौंककर इशारा नहीं करते, जिससे संदिग्धों के सतर्क होने की आशंका होती है।

एनएसजी अधिकारियों के मुताबिक़ कमांडो अब तक आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशंस में जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर नस्ल के कुत्तों की मदद लेते रहे हैं।

लेकिन मेलिनोइस नस्ल के इन के-9 विजन सिस्टम से लैस इन डॉग्स को शामिल करने से उनके विशेष अभियान को और ज्यादा धार मिलेगी।

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-Tags:#NSG#K-9 Vision System#Mellinice
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