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अब नहीं होगा दहेज कानून का दुरुपयोग, आरोप पुष्ट होने पर ही गिरफ्तारी: SC

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 28 2017 11:27AM IST
अब नहीं होगा दहेज कानून का दुरुपयोग, आरोप पुष्ट होने पर ही गिरफ्तारी: SC

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न कानून का गलत इस्तेमाल रोकने के उद्देश्य से एक अहम फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जब तक आरोपी पर दहेज उत्पीड़न का आरोप सिद्ध न हो जाए तब तक आरोपी को गिरफ्तार न किया जाए। 

अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जब पति से किसी बात पर तनाव व नाराजगी के बाद पत्नियां उन पर दहेज क़ानून के आधार पर बिना वजह मुकदमा कर देती हैं। 

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सर्वोच्च न्यायलय ने कहा कि कई पत्नियां दहेज उत्पीड़न के कानून आईपीसी की धारा 498ए का दुरुपयोग करते हुए पति के माता-पिता, नाबालिग बच्चों, भाई-बहन और दादा-दादी समेत सभी ससुरालीजनों पर मुकदमा दायर कर देती हैं। 

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा कि अब समय आ गया है जब बेगुनाहों के मनवाधिकार का हनन करने वाले इस तरह के मामलों की जांच की जाए।

इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस भी जारी की है। जिसके तहत हर जिले में एक परिवार कल्याण समिति गठित की जाएगी और सेक्शन 498A के तहत की गई शिकायत को पहले समिति के समक्ष भेजा जाएगा। 

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यह समिति दहेज़ उत्पीड़न सम्बन्धी सभी आरोप सिद्ध होने के सिलसिले में एक रिपोर्ट भेजेगी, जिसके बाद ही आरोपी को जेल होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक आरोप सिद्ध नहीं हो जाता NRI आरोपियों का पासपोर्ट भी जब्त नहीं किया जाए और रेड कॉर्नर नोटिस भी नहीं जारी हो सकता।

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no arrest in anti dowry law without ascertaining of allegations directed by supreme court

-Tags:#India News#Supreme Court

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