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प्रणब मुखर्जी अपने आप को नहीं रोक सके और अपने दिल की बात बयां कर दी

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 24 2017 9:56PM IST
प्रणब मुखर्जी अपने आप को नहीं रोक सके और अपने दिल की बात बयां कर दी

बीते कल यानि रविवार को संसद के सेंट्रल हॉल में प्रणब मुखर्जी को विदाई दी जा रही थी । जिसके संबोधन में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर ने मुझे बहुत सीख दी। इसके साथ ही प्रणब मुखर्जी अपने आप को नहीं रोक सके और अपने दिल की बात बयां कर दी । 

आपको बता दें कि प्रणब मुखर्जी 1969 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए । तो उनका आवास राष्ट्रपति भवन के पास ही था । एक दिन प्रणब दा अपनी बहन के साथ सैर कर रहे थे ।

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इसी बीच प्रणब दा राष्ट्रपति वाली बग्घी को देखकर अपनी बहन से कहा कि देखो ये बग्घी कितना मजेदार है । इसक इसका मजा लेने के लिए मैं अगले जन्म में घोड़ा बनना पसंद करूंगा ।

जिस पर प्रणब दा कि बहन ने कहा कि ये तमन्ना इसी जन्म में पूरी होगी ।आपको बता दें कि  प्रणब मुखर्जी तकरीबन 35 सालों तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इस दरमयान प्रणब दा ने राजनीति के कई अनसुलझे पहलूओं को सुलझाया। 

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know what was in the heart of pranab da before becoming president

-Tags:#President#Rajya Rabha#Central Hall#Pranab Mukherjee
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