Breaking News
Top

जानिए, हुर्रियत नेताओं, कश्मीरी नौजवानों को लेकर क्या है वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की सोच?

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 24 2017 3:45PM IST
जानिए, हुर्रियत नेताओं, कश्मीरी नौजवानों को लेकर क्या है वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की सोच?

केंद्र सरकार ने सोमवार को कश्मीर के सभी पक्षों से बातचीत करने के लिए पूर्व IB प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है। अपनी पहली प्रतिक्रिया में उत्साहित दिनेश्वर शर्मा का कहना है कि वह कश्मीर में शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों से वार्ता करने को तैयार हैं। 

सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है और इसे वह पूरी शिद्दत से पूरा करना चाहेंगे। अलगाववादी हुर्रियत नेताओं को लेकर दिनेश्वर शर्मा ने कहा कि हुर्रियत नेता भी भारत के नागरिक हैं, वे जम्मू कश्मीर के नागरिक हैं, इसलिए उनसे भी बातचीत की जाएगी। 

सभी पक्षकारों से होगी बातचीत 

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में शर्मा ने कहा कि वह जल्दी ही जम्मू कश्मीर के सभी पक्षकारों से बातचीत का सिलसिला शुरू करेंगे। इस बातचीत में देश का नागरिकों से बातचीत की जाएगी, जो जम्मू कश्मीर में स्टेकहोल्डर हैं। जम्मू कश्मीर के हर मुद्दे को इस बातचीत में शामिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: बेटी अनीता बोस बोलीं, नेताजी की अस्थियां वापस लाने में किसी सरकार को फायदा नहीं दिखता

पाक की टेरर फंडिंग से भला नहीं 

पाकिस्तान से हुर्रियत नेताओं के संबंधों पर दिनेश्वर शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। पाकिस्तान से मिलने वाली फंडिंग को लेकर भी कुछ लोग गिरफ्तार किेए गए हैं। इस मामले में एनआईए अपना काम कर रही है। लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि टेरर फंडिंग से किसी का भला नहीं होने वाला है। 

यह भी पढ़ें: ताजमहल के आस-पास की पार्किंग पर चलेगा बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट सख्त

 

भटके नौजवानों को लेंगे भरोसे में

पूर्व आईबी चीफ ने कहा कि कश्मीर के भटके हुए नौजवानों को भी बातचीत के जरिए भरोसे में लिया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा कि पाकिस्तान फंडिंग से किसी का फायदा नहीं होने वाला है। हम समझाएंगे कि पाकिस्तान के इशारे पर काम करने वालों का नुकसान ही होना है।

घाटी में खोलेंगे विकास के नए रास्ते 

यह भी पढ़ें: टेरर फंडिंग के तार हिजबुल आतंकी सलाउद्दीन के बेटे से जुड़े, NIA पूछताछ में जुटी

शर्मा ने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि जम्मू कश्मीर में जल्द से जल्द शांति की बहाली हो। विकास के नए रास्ते खुलते जाए और इसमें नौजवानों का बड़ा योगदान हो। विकास के पथ पर ही नौजवानों को रोजगार मिलेगा और वे सही राह पर नजर आएंगे।

दिनेश्वर शर्मा के प्रोफाइल पर नजर:-

बिहार के गया जिले के रहने वाले दिनेश्वर शर्मा 1979 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। वह 31 दिसंबर 2016 को आईबी में बतौर स्पेशल डायरेक्टर रिटायर हुए। कूटनीतिक में बेहद माहिर हैं। जम्मू कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट के अच्छे जानकार हैं। दिनेश्वर शर्मा एनएसए अजीत डोभाल के सबसे खास रहे हैं। 

यह भी पढ़ें: दिल्ली की कमला मार्केट में लगी जबर्दस्त आग, 100 दुकानें हुईं खाक

1999-2003 में वह सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी भी रह चुके हैं। खुफिया ब्यूरो में 2003-05 के बीच ज्वाइंट डाइरेक्टर पद पर रहे। इस दौरान इस्लामिक आतंकवाद को लेकर भी काम किया। आईबी के बाद उन्हें सीआरपीएफ का आईजी नियुक्त किया गया। इसी दौरान वह जम्मू-कश्मीर के प्रभारी भी रहे। 

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
jammu kashmir dineshwar sharma reaction on hurriyat leaders and kashmiri youth

-Tags:#Jammu and Kashmir#Dineshwar Sharma#Rajnath Singh#Narendra Modi#BJP#NIA#IB
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo