Breaking News
महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम: भाजपा को 1311 सीटें, कांग्रेस-312, शिवसेना-295, एनसीपी -297 और अन्य -453महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम में भाजपा का बड़ा धमाका मिली 1311 सीटेंआतंकी फंडिंग केस: कश्मीरी अलगावादियों समेत 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक माह बढ़ीसीपीएम नेताओं ने वीपी हाउस से बीजेपी कार्यालय तक किया मार्चकेरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सबरीमाला मंदिर का दौरा कर व्यवस्था का लिया जायजाअफगानिस्तान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर फिदायीन हमला, 15 की मौत, 40 घायलसरकार का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक 100 फीसदी टीकाकरण करने का है: पीएमयूपी सीएम योगी 26 अक्टूबर को आगरा और ताजमहल के दौरे पर जाएंगे
Top

ओसामा बनने की राह पर लाल मस्जिद का इमाम अजीज, शुरू किया ऑपरेशन 'खिलाफत'

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 29 2017 1:21AM IST
ओसामा बनने की राह पर लाल मस्जिद का इमाम अजीज, शुरू किया ऑपरेशन 'खिलाफत'

आम नागरिकों के भारी विरोध और कई बार घर में नजरबंद किए जाने के बावजूद पाकिस्तान के कुख्यात लाल मस्जिद का पूर्व नेता एक बार फिर से अतिवादियों की नई जमात को तैयार करने में जुट गया है। 

इस्लामाबाद स्थित लाल मस्जिद में 10 साल पहले पड़े पाकिस्तानी सेना के छापे के बाद भी इस मस्जिद का इमाम अब्दुल अजीज प्रभावशाली है और वह एक बार फिर से देश में अतिवादी तत्वों की नई पीढ़ी को तैयार करने में जुट गया है। 

अब यह कुख्यात इमाम मदरसों में पाकिस्तान में 'खिलाफत' की स्थापना का संदेश दे रहा है। लाल मस्जिद में इमाम रहने के दौरान अब्दुल अजीज अपने भड़काऊ भाषणों, पश्चिमी देशों के खिलाफ जिहाद की वकालत और इस्लाम के कट्टरपंथी विचार के लिए जाना जाता था।

2007 में मस्जिद में पड़ा था छापा

अब्दुल अजीज पाकिस्तान में अपने हजारों छात्रों को कट्टर विचारधारा से बरगलाने का काम किया। इनमें ऐसे गरीब और ग्रामीण छात्रों की संख्या अधिक थी, जो पैसों की तंगी के चलते लाल मस्जिद से जुड़े मदरसों में पढ़ने के लिए आते थे। 

2007 में इस मस्जिद पर छापा पड़ा था। अब्दुल अजीज के हथियारबंद समर्थकों ने इस्लामाबाद में सीडी और डीवीडी स्टॉलों में तोड़फोड़ की थी और कुछ चीनी नागरिकों को अगवा कर लिया था। 

इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने 10 जुलाई, 2007 को मस्जिद पर छापेमारी का आदेश दिया था, जिसमें सेना को अजीज के हथियारबंद समर्थकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

पाक सरकार को झेलना पड़ा था अतिवादियों का विरोध

इस चर्चित ऑपरेशन की टीवी पर लाइव कवरेज भी किया गया था। एक सप्ताह तक चले भीषण संघर्ष में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस मस्जिद पर छापे के बाद देश भर में अतिवादी लोगों का सरकार को विरोध झेलना पड़ा था। 

इस छापेमारी के बाद सेना ने बुर्का पहनकर भागने की कोशिश कर रहे, अब्दुल अजीज को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे तुरंत टेलिविजन स्टूडियो ले जाया गया था, जिसके बाद उसे 'मुल्ला बुर्का' नाम दिया गया था। 

बताया जाता है कि इसी की प्रतिक्रिया में पाकिस्तानी तालिबान का गठन हुआ था। अगले कुछ सालों में पाकिस्तान में आतंकवाद का एक दौर देखने को मिला, जिसके चलते हजारों पाकिस्तानी मारे गए और तमाम लोगों को अपने घर छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
islamabad lal masjid imam aziz launched operation khilafat

-Tags:#Islamabad#Abdul Aziz#Operation Khilafat
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo