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सशस्त्र सेनाएं किसी भी चुनौती का मुकाबला करने को तैयार: जेटली

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 28 2017 7:54PM IST
सशस्त्र सेनाएं किसी भी चुनौती का मुकाबला करने को तैयार: जेटली

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने यहां शुक्रवार को लोकसभा में सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाएं (थलसेना, वायुसेना, नौसेना) किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की हालिया आयी रिपोर्ट को संसद की पब्लिक अकाउंटस कमेटी (पीएसी) को भेजा जाएगा। उसके द्वारा सिफारिशें करने के बाद ही मंत्रालय द्वारा कार्रवाई की जाएगी। 

रक्षा मंत्री ने यह जानकारी सुबह प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों (श्रीरंग आप्पा बारणे, राजीव सातव, गणेश सिंह, दुष्यंत सिंह) द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब में दी। 

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उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट में गोलाबारूद की कमी को लेकर चिंता जतायी है और वर्ष 2013 से 2017 तक गोलाबारूद को लेकर कुछ विचार रखे गए हैं। मंत्रालय की ओर से इस विषय पर कई कदम उठाए गए हैं। इसमें तीनों उप-सेनाप्रमुखों को अतिरिक्त वित्तीय शक्तियां प्रदान करना मुख्य हैं।  

सुरक्षा परिस्थतियां बनी कारण:

रक्षा मंत्री ने कहा कि अधिक गोलाबारूद व सामरिक उपकरणों की आवश्यकता भारत की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से उत्पन्न हुई है। अभी तक बनी हुई व्यवस्था में डीपीएसयू ही उत्पादन करती थीं और अपना योगदान दे रही थीं। 

लेकिन कई सैन्य उपकरण हमें विदेशों से खरीदने पड़ रहे थे। इसी के लिए मंत्रालय से सामरिक भागीदारी (एसपी) की एक नीति बनायी गई है। इसमें निजी क्षेत्र की भारतीय कंपनियां, रक्षा उपकरण बनाने वाली विदेशी कंपनी के साथ भागीदारी करेंगे और यहां देश मे उत्पाद बनाएंगी। 

इसमें लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों, पनडुब्बियां, युद्धक टैंक जैसे प्लेटफॉर्म की श्रेणियों को शामिल किया गया है। हर प्लेटफॉर्म में एक भारतीय कंपनी को नामित किया जाएगा। डीपीएसयू की उत्पादन क्षमता में भारतीय तत्व 50 से बढ़कर 95 फीसदी हो गया है। 

न होगा कोई बेरोजगार, न होगी ओएफबी बंद:

सदन में मंत्रालय से संबंधित शुरूआती प्रश्नों को जवाब देते हुए रक्षा राज्य मंत्री डॉ़ सुभाष भामरे ने कहा कि यह एक प्रकार की भ्रांति फैली हुई है कि सरकार तमाम ओएफबी को बंद कर देगी।

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उन्होंने कहा, 'मैं सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई भी ओएफबी न तो बंद होगी और न ही उसका कोई कर्मचारी बेरोजगार होगा। अभी सेनाओं को गोलाबारूद की आपूर्ति 62 ओएफबी कर रही हैं। हम चाहते हैं कि और अच्छा काम हो।'

उन्होंने कहा, '1990 से रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र काम कर रहा है। लेकिन उन्हें बढ़ावा नहीं दिया गया। हमारी कोशिश सिर्फ रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की है। अभी सिर्फ 8 तरह के गोलाबारूद को ओएफबी नहीं बना रही हैं। इसके लिए हमने 25 कंपनियों का चयन किया है।'

जेटली ने कहा, 'यह मेक इन इंडिया के तहत किया जाएगा। अभी मामला प्रस्तावों के आमंत्रण (आरएफपी) के स्तर पर है। ओएफबी के आधुनिकीकरण के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।

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indian armed forces fully equipped to deal with contingencies says jaitley

-Tags:#India News#Indian Army#Arun Jaitley
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