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भारत-रूस समझौता: दोनों के बीच होगी अहम डील, मिलकर बनाएंगे फाइटर विमान

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 20 2017 6:47AM IST
भारत-रूस समझौता: दोनों के बीच होगी अहम डील, मिलकर बनाएंगे फाइटर विमान

भारत और रूस जल्द ही बहुप्रतीक्षित पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए करार पर हस्ताक्षर करेंगे। 

रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान (एफजीएफए) को संयुक्त रूप से विकसित करने की अरबों डॉलर की परियोजना से जुड़े सभी फैसलों को ‘निकट भविष्य' में अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 

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भारत और रूस ने 2007 में एफजीएफए परियोजना के लिए अंतर सरकारी करार पर दस्तखत किया था। दिसंबर 2010 में भारत ने करीब 1900 करोड़ रुपए शुरुआती डिजाइन के लिए देने का वादा किया था। 

हालांकि, इस डील में दोनों देशों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारत में इस प्रोजेक्ट को पर्सपेक्टिव मल्टीरोल फाइटर कहा जाता है।

पहला चरण पूरा, दूसरे पर काम जारी

रूस के अहम एयरशो एमएकेएस 2017 से इतर चेमेजोव ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘जहां तक पांचवीं पीढ़ी (युद्धक विमान) की बात है काम चल रहा है। पहला चरण पूरा हो चुका है। 

अब हम दूसरे चरण पर चर्चा कर रहे हैं। और मुझे लगता है कि निकट भविष्य में सभी फैसले किए जाएंगे और अनुबंध के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जायेंगे।' उन्होंने माना, ‘काम चल रहा है, यह बेहद जटिल है, इसलिए यह तेजी से नहीं बढ़ रहा।'

डिजाइनिंग के बाद होंगे हस्ताक्षर

करार को लेकर नई दिल्ली में सरकारी सूत्रों की टिप्पिणी के करीब दो महीने बाद रूस की ओर बातचीत आगे बढ़ी है। भारत के अधिकारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान के डिजाइन और कुछ अन्य जटिल मुद्दों पर करार के लिए सभी तैयारियों को पूरा किया जा चुका है।

परियोजना पर रूस के साथ बातचीत में शामिल रहे एक अहम अधिकारी ने कहा, ‘विस्तृत डिजाइन के लिए अनुबंध पर जल्द ही दस्तखत किए जाएंगे और यह अहम मील का पत्थर होगा। इस पर वर्ष की दूसरी छमाही में दस्तखत किये जाने चाहिए।'

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टेक्नोलॉजी पर दोनों देशों का हक होगा

उच्चाधिकारियों के मुताबिक, भारत और रूस दोनों ही देश एफजीएफए को मिलकर विकसित करना चाहते हैं। इंडिया के पास भी इसकी टेक्नोलॉजी पर रूस के बराबर हक होगा।

पिछले साथ रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

परियोजना को लेकर पिछले साल फरवरी में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद भारत और रूस ने बातचीत दोबारा शुरू की है। तब से अब तक बजट संबंधी कमिटमेंट, वर्कशेयर, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच आई अड़चनों को दूर किया गया।

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-Tags:#India#Russia#Fighter Aircraft
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