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भारत और फ्रांस मिलकर करेंगे आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष, हिंद महासागर सुरक्षा पर हुए एकजुट

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 18 2017 2:02AM IST
भारत और फ्रांस मिलकर करेंगे आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष, हिंद महासागर सुरक्षा पर हुए एकजुट

आतंकवाद के प्रसार से गंभीर रूप से चिंतित भारत और फ्रांस ने आतंक के खिलाफ सहयोग को मजबूत बनाने का निर्णय किया, साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादियों का वित्त पोषण, संरक्षण और पनाहगाह मुहैया कराने वाले देशों का विरोध करने को कहा।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने फ्रांसिसी समकक्ष ज्यां यीब्स ला दारियां के साथ विविध विषयों पर व्यापक चर्चा की और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने का भी निर्णय किया।

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यह फैसला ऐसे समय में किया गया है जब कुछ ही दिन पहले जापान, आस्ट्रेलिया और अमेरिका के साथ भारत ने मनीला में भारत आसियान शिखर सम्मेलन से इतर चर्चा की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ अगले वर्ष फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बारे में चर्चा की।

फ्रांस के मंत्री के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सुषमा स्वराज ने कहा, हमने विश्व में बढ़ते हुए आतंकवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की।

दोनों देशों ने एक-साथ मिलकर इस बुराई को हटाने का संकल्प लिया, और विश्व के सभी देशों से अपील की, कि वो आतंकवाद को धन देने वाले, उनको शरण देने वाले और समर्थन देने वाले देशों का एकजुट होकर विरोध करें।

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उन्होंने कहा कि असैन्य परमाणु सहयोग हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों पक्षों ने जैतापुर परियोजना को अविलंब कार्यान्वित किए जाने के लिए ठोस उपायों पर भी चर्चा की।

सुषमा ने कहा कि समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर चर्चा की, जहां भारत और फ्रांस दोनों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण है।

इस सहयोग का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में निर्बाध व्यापार और आवागमन के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री-गलियारे की सुरक्षा सुनिश्चित करना, समुद्री आतंकवाद और समुद्री डकैती का मुकाबला करना, समुद्री क्षेत्र के बारे में जागरूकता पैदा करना, क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क्षमता निर्माण करना और अधिकाधिक समन्वयन करना है जिसमें अन्य इच्छुक रणनीतिक भागीदार देश भी शामिल हो सकते हैं।

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विदेश मंत्री ने कहा कि फ्रांस, सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के दावे का समर्थन करता रहा है। फ्रांस ने बहु स्तरीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था की सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का भी निरंतर समर्थन किया है जिनमें परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह, बासेनार समझौता और आस्ट्रेलिया समूह शामिल है।       

सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत

सुषमा ने कहा कि हमने सुरक्षा सहयोग को द्विपक्षीय स्तर पर तथा बहुपक्षीय मंचों पर और प्रगाढ़ बनाने तथा सभी प्रकार के तथा सभी रूपों में आतंकवाद से मुकाबला करने के प्रति, हमारी प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है।

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india france to enhance counter terror cooperation

-Tags:#India#France#Sushma Swaraj#Terrorism
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