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कंप्यूटर प्रणाली के जरिए आयकरदाताओं की रिटर्न आकलन 78 प्रतिशत बढ़ा

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 9 2017 2:24AM IST
कंप्यूटर प्रणाली के जरिए आयकरदाताओं की रिटर्न आकलन 78 प्रतिशत बढ़ा

कागज इस्तेमाल किए बिना यानी कंप्यूटर प्रणाली के जरिए आयकरदाताओं की रिटर्न आकलन पिछले तीन साल में 78 प्रतिशत बढ़ा है।

आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक इस व्यवस्था को अब अखिल भारतीय स्तर पर लागू करने का फैसला किया है।

इस व्यवस्था के तहत करदाता और आयकर अधिकारियों का प्रत्यक्ष आमना-सामना करने से बचा जाता है और तमाम संदेश आदि कंप्यूटर प्रणाली के तहत ही भेजे जाते हैं।

आयकर विभाग के निर्णय लेने वाले निकाय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अक्टूबर, 2015 में सरकार की इस पहल को चुनिंदा महानगरों में शुरू किया था।

इसके पीछे मकसद आयकरदाता को आयकर विभाग के चक्कर लगाने से बचाना था। साथ ही इस व्यवस्था का मकसद आयकरदाता को कर अधिकारी के सामने उपस्थित होने की जरूरत को भी कम किया जाता है , जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

विभाग द्वारा तैयार ताजा रूपरेखा से पता चलता है कि पिछले तीन साल में कागजरहित या इंटरनेट पर ई-आकलन में उल्लेखनीय रूप से इजाफा हुआ है।

वित्त वर्ष 2015-16 में ई-आकलन की पायलट परियोजना के तहत कुल 1,014 मामले निपटाए गए। वित्त वर्ष 2016-17 में करीब 14,000 मामले निपटाए गए। 

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income tax payers assessment of 78 percent increase through computer system

-Tags:#Income Tax#Government of India#Income Tax Return
mansoon

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