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फिर महंगी होंगी मीडियम और लग्जरी कारें, धूप बत्ती-झाड़ू सहित 30 वस्तुएं होंगी सस्ती

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 10 2017 3:41AM IST
फिर महंगी होंगी मीडियम और लग्जरी कारें, धूप बत्ती-झाड़ू सहित 30 वस्तुएं होंगी सस्ती

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की शनिवार को हुई बैठक में लिये गये फैसले के बाद मध्यम श्रेणी के साथ-साथ लग्जरी और स्पोर्ट्स यूटिलिट व्हीकल्स (एसयूवी) वाहन महंगे हो जाएंगे। बैठक में इन वाहनों पर दो से प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि, छोटी और हाइब्रिड कारों को इस वृद्धि से छूट दी गयी है। 

परिषद की बैठक में धूप बत्ती, प्लास्टिक रेनकोट, रबड़ बैंड, झाडू, इटली/डोसा बाटर से लेकर रसोई में काम आने वाले गैस लाइटर जैसे दैनिक उपभोग की 30 वस्तुओं पर जीएसटी दर कम करने का भी फैसला किया गया। इन वस्तुओं की दरों में विसंगतियां सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।

जीएसटी परिषद की आज हुई 21वीं बैठक में जुलाई माह की बिक्री रिटर्न यानी जीएसटीआर-1 दाखिल करने की समय सीमा भी एक माह बढ़ाकर दस अक्तूबर कर दिया गया। देश में जीएसटी व्यवस्था 01 जुलाई से लागू हुई है। इस लिहाज से पहली बार रिटर्न दाखिल की जा रही है। बैठक में अन्य रिटर्न भरने की तिथि को भी आगे बढ़ाया गया है।        

वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक जीएसटी के तहत संग्रहण काफी बेहतर रहा है। पात्र करदाताओं में से 70 प्रतिशत से अधिक ने 95 हजार करोड़ रुपये की रिटर्न दाखिल की है।

छोटी कारों में उपकर नहीं

जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने हालांकि हाइब्रिड कारों और 1200 सीसी तक की पेट्रोल-डीजल से चलने वाली छोटी कारों पर अतिरिक्त उपकर नहीं लगाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त उपकर लागू होने की तिथि बाद में अधिसूचित की जाएगी।

पंजीकृत ब्रांड पर जीएसटी

कारोबारियों द्वारा अपने ब्रांड का पंजीकरण समाप्त कराने की समस्या पर भी बैठक में विचार किया गया। इसमें कहा गया कि 15 मई2017 को जो ब्रांड पंजीकृत होगा उसपर जीएसटी लगाया जाएगा। फिर चाहे इस तिथि के बाद उस ब्रांड का पंजीकरण रद्द ही क्यों न करा दिया गया हो। उल्लेखनीय है कि बिना ब्रांड वाले खाद्य उत्पादों को जीएसटी के तहत छूट दी गयी थी जबकि पैकिंग वाले ब्रांडेड खाद्य उत्पादों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया गया था। यही वजह है कि कई उद्यमियों ने जीएसटी से बचने के लिए अपने उत्पादों का ब्रांड पंजीकरण रद्द करवाना शुरू कर दिया है।

जीएसटी से छोटी कारें हुई सस्ती

जेटली ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की छोटी कारें जीएसटी लागू होने के बाद तीन प्रतिशत सस्ती हुई हैं। इनके मामले में यथास्थिति रहेगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को इनका लाभ मिलने मिलता रहेगा, लेकिन मध्यम श्रेणी की कारों पर कुल कर का बोझ 48 से घटकर 43 प्रतिशत रह गया था जिसे आज परिषद ने दो प्रतिशत बढ़ाकर 45 कर दिया।

बड़ी कारों पर लगा उपकर

बड़ी कारों पर आठ प्रतिशत का फायदा हो रहा था उन पर वापस पांच प्रतिशत उपकर बढ़ा दिया गया है। इसी प्रकार एसयूवी वाहनों पर 11 प्रतिशत तक कर में फायदा हो गया था। परिषद ने इसमें सात प्रतिशत की ही वृद्धि की है। जेटली ने कहा कि हमारे पास अतिरिक्त उपकर 10 प्रतिशत तक बढ़ाने की गुंजाइश थी लेंकिन हमने इसे सात प्रतिशत ही बढ़ाया।' उन्होंने कहा कि 10 से लेकर 13 लोगों के बैठने की क्षमता वाले वाहनों पर और हाइब्रिड कारों पर उपकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

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gst council may keep tax load on cars below 50 per cent

-Tags:#GST#Change of 30 Items#Luxury Car Expensive
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