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घाटकोपर हादसाः 15 घंटे तक मलबे में दबा रहा बुजुर्ग, बेटे को फोन कर कहा ''जिंदा हूं मैं''

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 27 2017 1:23PM IST
घाटकोपर हादसाः 15 घंटे तक मलबे में दबा रहा बुजुर्ग, बेटे को फोन कर कहा ''जिंदा हूं मैं''

मुंबई के घाटकोपर में मंगलवार को सुबह गिरी चार मंजिला इमारत में 17 लोगों की मौत हो गई थी साथ ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि मलवे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। बचाव कार्य दल ने करीब 15 घंटे बाद एक 57 साल के राजेश दोषी को जिंदा बाहर निकालने में सफलता पाई। 

इस बीच दिलचस्प बात यह रही कि मलवे में फंसे इस राजेश ने अपने जिंदा होने की जानकारी अपने बेटे को फोन करके पहले ही दे दी थी। इतनी ही नहीं बाहर निकलने के बाद राजेश ने बताया कि अंदर फंसे रहने के बाद भी मैंने तीन बार अपनी पत्नी से बात की। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद मोबाइल करीब साढ़े पांच घंटे तक नहीं लगा, ऐसे में वो जीने की उम्मीद छोड़ चुके थे। मलबे में दबकर उनका एक पैर फ्रैक्चर हो गया है। उनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। 

राजेश ने बताया कि हादसे के वक्त वो घर में अकेले थे और अपने बेड पर लेटे हुए थे। पत्नी और बेटा पूजा करने के लिए मंदिर गए हुए थे। हादसे के बाद करीब 5 घंटे तक नेटवर्क नहीं आने की वजह से राजेश का फोन नहीं लग पा रहा था। लेकिन करीब शाम 5.10 बजे राजेश के फोन पर बेटे दर्शन का फोन आया तो इस बात की जानकारी मिल पाई कि वो जिंदा हैं और मलबे में दबे हुए हैं। 

राजेश ने बेटे से फोन पर कहा, 'एक दीवार मेरे पैरों पर गिर गई है, जिसमें मैं फंस गया हूं। मैं सांस तो ले पा रहा हूं, लेकिन निकल नहीं पा रहा। लोगों से कहो कि मुझे बाहर निकालें, मेरी मदद करें।'

जब रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला तब भी वे बेड पर लेटे हुए मिले। यहां से निकाल कर उन्हें पास के शांति निकेतन अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।

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ghatkopar building collapse 57 year old man rescued after 15 hours

-Tags:#Khatkopar Building Collapse#BMC#Shivsena
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