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3 तलाक की दर्दनाक कहानी बयां करते हैं ये तथ्य

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 22 2017 9:22AM IST
3 तलाक की दर्दनाक कहानी बयां करते हैं ये तथ्य

तीन तलाक को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाला है। पिछले कई महीनों से देश में तीन तलाक को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस मुद्दे को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु इसे धार्मिक आजादी मानते हैं तो वहीं इस्लाम के जानकारों का कहना है कि जिस तरह से तीन तलाक दे दिया जाता है वो मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाला सबसे बड़ा अन्याय है। 

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आपको जानकर हैरानी होगी कि इस्लाम में केवल पुरुषों को ही तलाक देने का अधिकार है, दूसरी तरफ महिलाओँ को तलाक देने का अधिकार नहीं है। आज कई ऐसे मुस्लिम शख्स हैं जो व्हाट्सएप पर, ईमेल पर या फिर फोन पर ही तलाक दे देते हैं। आइए जानते हैं 3 तलाक से जुड़े कुछ अहम तथ्यों के बारे में...

  • भारत में 9 करोड़ मुस्लिम महिलाएं 3 तलाक का दंश झेल चुकी हैं और ये तब है जब भारत तीसरा सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है। ये सभी तलाक शरिया कानून के तहत दिए गए हैं।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के 22 मुस्लिम देशों में 3 तलाक बैन कर दिए गए हैं। शरिया कानून के तहत केवल पुरुषों को ही तलाक देने का हक है। 
  • भारत में बाल विवाह पर बैन होने के बावजूद 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, 13.5 फीसदी मुस्लिम महिलाओं की शादी 15 साल से कम उम्र में कर दी गई। 49 प्रतिशत महिलाओं की शादी 14 से 19 वर्ष के बीच कर दी गई। वहीं, 18 प्रतिशत का निकाह 20 से 21 साल की उम्र में कर दिया गया।
  • भारत में जिन महिलाओं को तलाक दिया गया, उनमें 80 से 95 प्रतिशत को किसी प्रकार का गुजारा भत्‍ता तक नहीं दिया गया।
  • 65 फीसदी मुस्लिम महिलाओँ को उनके पतियों ने मुंह से तलाक बोला है और शादी के बंधन से मुक्त हो गए हैं।  
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट तीन तलाक असंवैधानिक करार दे चुका है।
 

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