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भारत में पड़ोसी देशों से नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

ओ.पी. पाल | UPDATED Sep 25 2017 6:29PM IST
भारत में पड़ोसी देशों से नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

देश की सीमाओं पर विभिन्न उत्पादों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में खासकर नशीलें पदार्थो की तस्करी में बढ़ोतरी हो रही है। पडोसी देशों से लगी सीमा पर ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए ही शायद केंद्र सरकार ने सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल को मजबूत करते हुए खुफिया ईकाई का गठन कर निगरानी तेज करने का फैसला किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह ही खासकर भारत-नेपाल और भारत-भूटान की खुली सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल यानि एसएसबी की खुफिया ईकाई की स्थापना की है। 

इस ईकाई का मकसद भारत की खुली सीमाओं की सुरक्षा में आ रही ऐसी चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटना है। सरकार ने माना है कि पडोसी सीमाओं पर आपराधिक गतिविधियां और गैरकानूनी सामनों की तस्करी भी लगतार बढ़ रही है, जिन पर लगाम कसना जरूरी है। 

गृह मंत्रालय के अनुसार पडोसी देशों से लगी सीमाओं पर सुरक्षा बलों द्वारा तस्करी के मकसद से जब्त की जा रहे सामानों में नशीले पदार्थो के अलावा पशुओं की खालें, मुद्राएं, कपड़े, इलेक्ट्रानिक सामान, अवैध हथियार और बेशकीमती धातुएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।

लेकिन मादक पदार्थो की तस्करी में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा नेपाल और बांग्लादेश की सीमा पर मादक पदार्थो को इधर से उधर करने के मामले सामने आए हैं। खास बात ये है कि तस्करी के पकड़े गये सामान में सबसे ज्यादा मादक पदार्थ है, जबकि पाकिस्तान से कम मामलों के बावजूद सबसे ज्यादा कीमत के नशीले पदार्थो समेत तस्करी के सामान जब्त किये गये हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर सर्वाधिक मामले

गृहमंत्रालय के अनुसार इस साल अगस्त माह तक भारत-बांग्लादेश की सीमा पर सर्वाधिक 14049 मामले सामने आए और नशीले पदार्थो समेत 13271 करोड़ तस्करी का सामान जब्त किया गया, जिसमें 801 तस्करों को पकड़ा भी गया है। 

इसके बाद भारत-नेपाल की खुली सीमा पर 3305 तस्करी के मामले सामने आए और 356.21 करोड़ रुपये की कीमत के तस्करी के सामान को जब्त किया गया, जिसमें 3272 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 

इसके अलावा भारत-भूटान की खुली सीमा पर तस्करी के 481 मामलों में 173.08 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया, जबकि भारत-म्यांमार सीमा पर मात्र 51 मामले सामने आए। 

खासबात ये है कि इस साल भारत-पाक सीमा पर तस्करी के मामलों में पहली बार कमी देखी गई है, जहां 102 मामलों में नशीले पदार्थो और अवैध हथियारों समेत 571 करोड़ रुपये की कीमत का तस्करी का सामान जब्त किया गया। 

मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े गये सामान में सर्वाधिक मादक पदार्थ शामिल रहा है। इस साल के मामलों की तुलना वर्ष 2016 की गतिविधियों से की जाए तो भारत-बांग्लादेश पर 30485, भारत-नेपाल सीमा पर 4892, भारत-भूटान सीमा पर 870, भारत-म्यांमार सीमा पर 79 और भारत-पाकिस्तान सीमा पर 152 मामले सामने आए थे, जिनमें कुल 1864.55 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया था।

तकनीकी तौर-तरीकों से तस्करी

मंत्रालय के अनुसार भारत की सीमाओं पर तस्करी करने वालों ने सुरक्षाबलों की निगरानी से बचने के लिए नए-नए तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। मादक पदार्थो को कपड़ो ,जूतों, साबुनदानी या अन्य सामान के अलावा कृषि उपकरणों में खाली जगह में छुपाने के मामले सामने आए। 

इसके अलावा मादक पदार्थो के पैकेटों को सीमाओं पर सुरंग खोदकर या पाईप के जरिए कंटीली बाड़ के बावजूद सीमा पार फेंकने के तरीके अपना रहे हैं। यही नहीं तस्कर अपनी गतिविधियों को उच्च स्पीड वाले इंटरनेट और पाकिस्तानी मोबाइइले नेटवर्क आदि का प्रयोग करने जैसी तकनीक भी अपना रहे हैं।

सीमाओं पर तकनीकी निगरानी तेज

भारत के सुरक्षा बलों को सीमापार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए अपराधों के संबन्ध में सीमा चौकियों यानि बीपीओ का सुभदेयता मापाकंन अतिरिक्त जनशक्ति की तैनाती करने, विशेष निगरानी उपकरणों की समीक्षा के साथ गश्त में तेजी, नाकाबंदी, निगरानी चौकियों की स्थापना के जरिए सीमा पर चौबीसों घंटे निगरानी, सीमा पर तेज रोशनी वाले उपकरण लगाए गये हैं।

और निगरानी में बलसंवर्धकों और उच्च तकनीक वाले निगरानी उपकरणों का समावेश किया जा रहा है। अब एसएसबी की खुफिया ईकाई के गठन के बाद खासकर भारत-नेपाल और भारत-भूटान दोनों सीमाओं पर तस्करी के मामलों पर पैनी नजर रहेगी।

जिसके लिए सरकार ने इस ईकाई को सुरक्षा बलों की ताकत बढ़ाने की दिशा में लीड इंटेलिजेंस एजेंसी (एलआईए) के रूप में घोषित किया है, ताकि सुरक्षा बलों को सुरक्षा को अंजाम देने के लिए खुफिया नेटवर्क सीमा प्रबंधन की उच्च क्षमताओं के साथ मदद मिलती रहेगी। इसके लिए गृह मंत्रालय पहले ही बटालियन से विभिन्न रैंकों में 650 पदों को फ्रंटियर मुख्यालय के जरिए मंजूरी दे चुका है।

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-Tags:#India#Border#Smuggling#Home Ministry#SSB
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