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हमारे पास रखे बड़े हथियार खिलौने नहीं, लेकिन हिंदमहासागर में भारत से हाथ मिलाना चाहता है चीन

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 12 2017 12:01PM IST
हमारे पास रखे बड़े हथियार खिलौने नहीं, लेकिन हिंदमहासागर में भारत से हाथ मिलाना चाहता है चीन

भारत-चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद को लेकर चीन भारत को लगातार युद्ध धमकी दे रहा है। इसी बीच चीनी नौसेना की नजर हिंद महासागर पर है। बता दें कि चीन की नौसेना हिंद महासागर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत से हाथ मिलाना चाहती है।

 
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी 'पीएलएएन' के अधिकारियों ने तटीय शहर झानजियांग में अपने कूटनीतिक दक्षिण सागर बेड़े 'एसएसएफ' अड्डे पर पहली बार इंडिया पत्रकारों के एक ग्रुप से बात करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए हिंद महासागर एक साझा स्थान है।
 
 
चीन के एसएसएफ के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल ऑफिस कैप्टन लियांग तियानजुन ने कहा, मेरी राय में चीन और भारत हिंद महासागर की सुरक्षा में संयुक्त योगदान दे सकते हैं।
कैप्टन लियांग ने हिंद महासागर को एक बहुत बड़ा समुद्र बताया। साथ ही कहा कि क्षेत्र की शांति व स्थिरता में योगदान देने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए साझा स्थान भी है।
 
उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब चीनी नौसेना ने अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर विस्तार की योजना शुरू की है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारे बड़े हथियार सिर्फ खिलौने नहीं हैं।’ उन्होंने युद्धपोत के हथियारों के बारे में भी भारतीय मीडिया को जानकारी दी।
 
हिंद महासागर में पहली बार हॉर्न ऑफ अफ्रीका स्थित जिबूती में नौसैनिक अड्डा स्थापित करने और वहां चीनी युद्धपोतों व पनडुब्बियों के बढ़ते सशक्त प्रयासों पर लियांग ने अपनी सफाई भी दी।
 
 
विदेशी समुद्री इलाके में चीन के इस पहले नौसैन्य अड्डे का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसे लॉजिस्टिक केंद्र बनाकर हम क्षेत्र में समुद्री डकैती को रोकने, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान चलाने और मानवीय राहत पहुंचाने पर जोर देंगे।
 
जिबूती नौसैनिक अड्डे पर उन्होंने कहा, यह चीनी नौसेना के आराम करने की जगह भी रहेगी। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह चीन के बढ़ते राजनीतिक व आर्थिक प्रभाव के बीच वैश्विक पहुंच बढ़ाने की महत्वाकांक्षा का हिस्सा है।
 
बता दें कि कुछ समय पहले चीन ने कहा था कि वह सेना और नौसेना के लिए अलग से मिसाइल बल बना रहा है। जिसके बाद यह भी कहा कि चीनी नौसेना मे लगभग 70 हजार नौसेनिक हैं और उनके पास 300 नौसैनिक जहाज हैं।
 
नौसेना के मिसाइल के लिए उसका बजट 152 अरब अमेरिकी डॉलर किया जा रहा है। यानी चीन दुनिया का ऐसा दूसरा देश होगा जिसके पास इतना बड़ा बजट होगा। 
 
 
 
 
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chinese navy eyes indian ocean as part of pla plan to extend its reach

-Tags:#India#China#Ocean#Doklam#Chinese Navy
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