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भारत की परमाणु परियोजनाओं की जासूसी करने के लिए चीन ने भेजे खतरनाक जासूस

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 31 2017 12:16PM IST
भारत की परमाणु परियोजनाओं की जासूसी करने के लिए चीन ने भेजे खतरनाक जासूस

भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलाम विवाद को लेकर भारत से कूटनीतिक हार के बावजूद भी चीन अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा है। चीन अब भारतीय परमाणु परियोजनाओं की जासूसी कर रहा है।  

चीन की मिलिट्री गुप्तचर संस्था गुओजिया एंकुअन बूमस यानि गुयानबू की नजर भारतीय परमाणु परियोजनाओं पर है। संस्था के पांच गुप्तचर इन परियोजनाओं की सूचनाएं एकत्रित करने के लिए राजस्थान समेत भारत के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं। भारतीय मिशन पर भेजे गए ये पांचों गुप्तचर पूर्व में अमेरिका व रूस की परमाणु सूचनाएं चोरी कर सकुशल चीन वापस लौट चुके हैं।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबित भारतीय परमाणु परियोजनाओं की खुफिया जानकारी जुटाने के अलावा चीनी जासूस डीआरडीओ यानि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की गोपनीय सूचनाएं हासिल करने की कोशिश में लगा है।

चीन की मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी के सूत्रों के अनुसार इस मिशन की जिम्मेदारी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सेकेंड ब्यूरो के थर्ड ऑफिस रेजिमेंट के कैप्टन सनकोई लाइंग कर रहे हैं।

इसके अलावा पीएलए के सेंट्रल सिक्योरिटी रेजीमेंट की यूनिट के कर्नल वांग डांग भी जानकारी जुटाने में लगे हैं। साथ ही सेकेंड ब्यूरो के थर्ड ऑफिस रेजीमेंट के मेजर यू जहांग भी भारतीय परमाणु ठिकानों की जासूसी कर रहे हैं।

बता दें कि चीनी गुप्तचर साइबर की सूचनाएं हैक करने, परमाणु बम व मिसाइल टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ हैं। ये सभी भारत में डीआरडीओ व राजस्थान के न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की रावनतभाटा साइट की नाभिकीय प्रशिक्षण केंद्र की गोपनीय सूचनाएं एकत्रित करने की कोशिश में हैं। 

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अमेरिकी खुफिया एजेंसी 'केंद्रीय खुफिया एजेंसी' सीआईए के मुताबिक चीन की इस गुप्तचर संस्था के लिए कुल एक लाख लोग काम करते हैं। इसमें से 40 हजार चीन के अंदर बाकी के 60 हजार दुनिया के अलग-अलग देशों में सक्रिय हैं।

भारत में प्रतिबंधित संगठनों की करती है मदद

'गुयानबू' उत्तर-पूर्वी भारत में प्रतिबंधित संगठन एनएससीएन 'खपलांग', कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी, जैसे विभिन्न अलगाववादी संगठनों की मदद करती है।

इसके अलावा पड़ोसी देश म्यांमार के प्रतिबंधित संगठन न्यू डेमोक्रेटिक आर्मी कचीन, युनाइटेड स्टेट ओया आर्मी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ भूटान 'माओवादी' जैसे विभिन्न संगठन की मदद कर मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों को अशांत बनाने में मददगार है।

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-Tags:#China#India#Spying#Indian Nuclear Projects#Doklam Dispute
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