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अगर उत्तर कोरिया पर किसी ने भी किया हमला, तो ये देश होगा मदद के लिए सबसे आगे

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 8 2017 8:37PM IST
अगर उत्तर कोरिया पर किसी ने भी किया हमला, तो ये देश होगा मदद के लिए सबसे आगे

उत्तर कोरिया पर सभी देशों का है कि वो परमाणु परीक्षण करना बंद कर दे, नहीं तो दुनिया में तीसरा विश्व युद्ध उसकी वजह से शुरू हो जाएगा। लेकिन इतनी चेतावनियों के बावजूद भी कोरिया अपने परीक्षण करने नहीं छोड़ रहा है। 

उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण के बाद पूरी दुनिया के सुर में सुर मिलाते हुए बेशक चीन ने भी उसे चेतावनी दी हो, फिर भी इसके पीछे उत्तर कोरिया और चीन की बीच हुई संधि को भी मदद के रूप में देखा जा सकता है। 

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साल 1961 में चीन और उत्तर कोरिया की सरकारों ने आपस में एक और अहम संधि की थी। इसका नाम चीन-उत्तर कोरियाई पारस्परिक सहायता और सहयोग मित्रता संधि था। इस संधि में कहा गया है कि अगर चीन और उत्तर कोरिया में से किसी भी देश पर कोई दूसरा देश हमला करता है, तो दोनों देशों को तुरंत एक-दूसरे का सहयोग करना पड़ेगा।

पिछले वर्षों में इन दोनों देशों ने इस संधि की वैधता की अवधि बढ़ाकर 2021 तक कर दी है। एक बार जब जापान और उत्तर कोरिया के बीच युद्ध हुआ था, तब भी चीन ने उत्तर कोरिया की मदद के लिए अपने सेना से लेकर हर चीज उसे भेज दी थी। बाद में चीन ने ही दोनों देशों के बीच युद्द को रूकवाया था। 

विदेश मामलों के कुछ जानकार कहते हैं कि इस संधि से दोनों देशों को बड़ा फायदा मिला है, जहां चीन ने इससे अपने व्यापारिक हित साधे, वहीं उत्तर कोरिया ये संधि करके अपने आप को और सुरक्षित करने में कामयाब हो गया है। 

 

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china and north korea was signed friendship treaty

-Tags:#North Korea#China#Treaty#Nuclear Test

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