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ब्वॉयफ्रेंड होने का मतलब यह नहीं है कि गर्लफ्रेंड के साथ रेप का अधिकार मिल गयाः HC

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 26 2017 12:23PM IST
ब्वॉयफ्रेंड होने का मतलब यह नहीं है कि गर्लफ्रेंड के साथ रेप का अधिकार मिल गयाः HC

अपनी नाबालिग भतीजी को बंधक बनाकर बार-बार रेप करने के आरोपों में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अब तक की सबसे बड़ी टिप्पणी की है।

हाईकोर्ट ने रेप के केस में आरोपी करार दिए गए अपराधी से कहा कि किसी लड़की का कोई ब्वॉयफ्रेंड हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उस ब्वॉयफ्रेंड को गर्लफ्रेंड के साथ रेप करने का अधिकार मिल जाए। 

जस्टिस ए एम बदर ने पिछले सफ्ताह बाल यौन अपराध निरोधक अधिनियम के तहत रेप का दोषी करार दिए गए एक आरोपी के दलील को खारिज करते हुए जमानत देने से साफ इनकार कर दिया। 

आपको बता दें कि पीड़िता के दो पुरूष मित्र थे, जिनके साथ उसके संबंध भी बने थे। जस्टिस बदर ने कहा कि कोई महिला चरित्रहीन हो सकती है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इसका फायदा कोई भी उठा ले। 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले याचिकाकर्ता को पॉक्सो अदालत ने 2016 में दोषी करार देते हुए 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की और हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उसने अपराध नहीं किया। साथ ही कहा कि वह अपने घर में कमाने वाला अकेला सदस्य है। 

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-Tags:#Bombay High Court#Rape Case#Big Statement
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