Breaking News
Top

संघ प्रमुख को आतंकियों की सूची में डालना चाहती थी UPA

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 15 2017 9:58AM IST
संघ प्रमुख को आतंकियों की सूची में डालना चाहती थी UPA

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार बहूत बड़ी साजिश रच रही थी। 

यूपीए सरकार ने अजमेर और मालेगांव ब्लास्ट के बाद हिंदू आतंकवाद थियोरी पेश की थी। इस दौरान कांग्रेस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी पर दवाब बनाया ताकि मोहन भागवत को एक रणनीति के तहत फंसाया जा सके।

इसे भी पढ़ेंः- अजीत डोभाल को डोकलाम विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी मिली, अब चीन की खैर नहीं

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इन ब्लास्ट के चलते संघ प्रमुख से जांच अधिकारी पूछताछ करना चाहते थे। 

बता दें कि जांच अधिकारी ये सब कांग्रेस के दवाब में आकर कर रहे थे। तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी इस रणनीति में शामिल थे और भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत करवाना चाहते थे। 

आपको बता दें कि यूपीए सरकार ने एनआईए पर जोर डालना शुरू कर दिया लेकिन जांच एंजेसी के प्रमुख शरद यादव ने इस मामले से कन्नी काट ली। 

इसे भी पढ़ेंः- शिवसेना: संजय राउत की पीएम मोदी से अजीब अपील, एक दिन का बनें हिटलर

लेकिन यूपीए चाहती थी कि भागवत से जुड़ी टेप की फॉरेंसिक जांच हो मगर केस के आगे न बढ़ने से एनआईए ने इस मामले से किनारा कर फाइल बंद कर दी।

गौरतलब है कि करंट अफेयर्स मैगजीन कारवां में फरवरी 2014 में स्वामी असीमानंद का एक इंटरव्यू छपा था, जिसमें उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत को आतंकी हमलों का मुख्य प्रेरक बताया था। 

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
bhagwat was on upa government terror blacklist

-Tags:#UPA government#Sangh chief#Mohan Bhagwat#terrorist list
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo