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आरुषि हत्याकांड: जानिए इन 9 सालों में क्या-क्या हुआ, ये है पूरा मामला

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 12 2017 1:10PM IST
आरुषि हत्याकांड: जानिए इन 9 सालों में क्या-क्या हुआ, ये है पूरा मामला

मई 16 2008 को नोएडा के जल वायु विहार में 14 साल की आरुषि तलवार की उसके बेडरूम में लाश पाई गई थी। हत्या का शक घर के नौकर हेमराज पर था।

 
मई 17 को हेमराज की बॉडी भी तलवार फैमली के घर की छत पर मिली।
 
मई 18 को प्राथमिक जांच हुई जिसमें ये पता चला कि मौत को अंजाम देने में घर के ही किसी इंसान का हाथ है।

 
मई 21 को दिल्ली पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की।
 
मई 22 को ऑनर किलिंग का मामला सामने आने की बात हुई। पुलिस के शक की तलवार परिवार के ही लोगों पर लटकी। पुलिस ने आरुषि की दोस्त से पूछताछ की जिससे उसने मौत से पहले 45 दिनों के अंदर 688 बार बात की।
 
मई 23 को नौकर हेमराज और आरुषि की हत्या के लिए आरूषी के पिता राजेश तलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
 
 
जून 1 इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
 
जून 20 राजेश तलवार का लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ।
 
जून 25 को आरूषी की मां नुपुर तलवार का लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ।
 
जून 26 को सीबीआई ने इस केस को ब्लाइंड केस घोषित कर दिया।
इसके साथ ही राजेश तलवार को गाजियाबाद की स्पेशल कोर्ट ने बेल देने से इंकार कर दिया।
 
जुलाई 3: सुप्रीम कोर्य ने नार्को टेस्ट के लिए फाइल की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
 
जुलाई 12: गाजियाबाद के दांसा जेल से राजेश तलवार को बरी किया गया।

2010
 
जनवरी 5: सीबीआई ने फिर से कोर्ट में नार्को टेस्ट की मांग उठाई।
 
दिसंबर 29: सीबीआई ने माता-पिता को दोषी बताया।
 
2011
 
जनवरी 25 को राजेश तलवार पर गाजियाबाद कोर्ट परिसर में हमला हुआ।
 
फरवरी 9 को कोर्ट ने आरुषि के माता पिता को हत्या और सबूत मिटाने का आरोपी ठहराया।
 
फरवरी 21: आरुषि के माता-पिता ने इलाहाबाद हाइकोर्ट में कोर्ट की समन को खारिज करने की अपील दायर की।
 
मार्च 18: हाईकोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया।
 
मार्च 19: आरुषि के माता-पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, वहां उनके खिलाफ ट्रायल पर रोक लगी।
 

2012 में फिर से ट्रायल शुरू हुआ। गाजियाबाद कोर्ट ने अपने फैसले में तलवार दंपत्ति को हत्या , साजिश और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया।
 
2013 26 नवंबर को गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई और दांसा जेल भेज दिया।
 
2014 में राजेश और नुपुर तलवार सीबीआई के उम्र कैद के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट गए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें बेल नहीं दी।
 
2017 जनवरी 11 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति की सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील के फैसले को सुरक्षित रखा। 
 
गौरतलब है कि गुरूवार को तलवार दंपत्ति की बेल के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आना है।
 
 
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-Tags:#Aarushi Murder Case#CBI#Allahabad High Court#Talwar
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