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चीन-पाक को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार वायुसेना: बीएस धनोआ

कविता जोशी/ नई दिल्ली | UPDATED Oct 6 2017 12:37AM IST
चीन-पाक को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार वायुसेना: बीएस धनोआ

पाकिस्तान की ओर से पश्चिमी सीमा पर जारी आतंकी घुसपैठ और चीन के साथ डोकलाम में हालिया खत्म हुए विवाद के तुरंत बाद वायुसेनाप्रमुख एयरचीफ मार्शल बी़ एस़ धनोआ ने कहा है कि वायुसेना देश को दो मोर्चों पर मिलने वाली युद्ध की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए हमारे पास एक विशेष रणनीति है। 

यह जानकारी उन्होंने आगामी 8 अक्टूबर को मनाए जाने वाले वायुसेनादिवस के पूर्व में यहां गुरुवार को आयोजित वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने कहा, भले ही वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों का पूर्ण युद्धक बेड़ा नहीं है। लेकिन 2032 तक हम 42 स्क्वॉड्रन की क्षमता हासिल कर लेंगे। 

अभी जितने भी लड़ाकू विमान वायुसेना के पास हैं। उनका प्लान-बी के हिसाब से उपयोग करके हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। चुंबी घाटी में चीनी सेना की मौजूदगी को लेकर धनोआ ने कहा, हां चीनी सेना वहा पर है। 

लेकिन हम इस बात की उम्मीद करते हैं कि गर्मियों के युद्धभ्यास के बाद वह वहां से हट जाएंगे। गौरतलब है कि भारत के संदर्भ में दो मोर्चों पर युद्ध की चुनौती को पश्चिमी-सीमा से पाकिस्तान और पूर्वी से चीन की ओर से आने वाले संभावित खतरे के तौर पर देखा जाता है। 

इसे ध्यान में रखकर ही सशस्त्र सेनाएं अपनी रणनीतिक व युद्धक तैयारियों का खाका तैयार करती हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वायुसेना का इस्तेमाल करने का निर्णय सरकार को लेना है। 

वायुसेना कम समय में जंग के लिए तैयार है। इसमें हमें अपनी दो सहयोग सेनाओं (थलसेना, नौसेना) की भी मदद मिलेगी।  

दिसंबर में कमीशन होंगी महिला पायलट 

वायुसेनाप्रमुख ने कहा कि अभी तीन महिला पायलट लड़ाकू विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके इस वर्ष के अंत तक यानि दिसंबर तक बल में कमीशन होने की संभावना है। अभी इनकी दूसरे चरण की ट्रेनिंग चल रही है। 

वायुसेना की ओर से इन तीन महिला पायलटों को फाइटर पायलट के तौर पर बल में शामिल होने की अनुमति बीते वर्ष दी गई थी। बल में महिला एवं पुरुष सैनिक किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।   

आतंरिक सुरक्षा में रणनीतिक इस्तेमाल नहीं

हाल ही में थलसेनाप्रमुख जनरल बिपिन रावत द्वारा ढाई मोर्च को लेकर जतायी गई युद्ध की चुनौती को लेकर धनोआ ने कहा कि इससे उनका तात्पर्य देश की आतंरिक सुरक्षा से जुड़े हुए मसले को लेकर था। 

लेकिन इसमें वायुसेना का स्पष्ट मत यह है कि हम अपने देश के नागरिकों पर बल प्रयोग नहीं कर सकते हैं। यह हमारे सिद्धांत के खिलाफ है। 

आतंरिक सुरक्षा जिसमें नक्सली समस्या में वायुसेना अन्य सुरक्षाबलों को केवल लॉजिस्टिकल सर्पोट करती है। ऑपरेशन त्रिवेणी में भी हमने यही किया था और आने वाले समय में भी हमारी यही भूमिका रहेगी। 

अहम है परमाणु सिद्धांत 

पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में वायुसेनाप्रमुख ने कहा कि हमारे पास पाक के इन हथियारों को पकड़ने और तबाह करने की पूरी ताकत व काबिलियत मौजूद है। 

लेकिन इसके लिए सरकार ने एक न्यूक्लियर सिद्धांत का दस्तावेज तैयार किया है। इसका वायुसेना पूरी तरह से पालन करती है। ऐसी किसी भी परिस्थिति के उत्पन्न होने के वक्त भी सरकार के निर्देश के अलावा यह दस्तावेज बेहद अहम भूमिका निभाएगा।

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air force ready for two front war says air chief marshal dhanoa

-Tags:#Pakistan#Terrorist Attack#Dockham Standoff#BS Dhanoa#Air Force
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