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जानिए क्यों योगी को बनाया गया यूपी का सीएम, क्या होगा इसका असर

By haribhoomi.com | Mar 18, 2017 |
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लखनऊ. उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद सारी संभावनाओं को अचानक पलटते हुए भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर दिया है। शनिवार को विधायक दल की बैठक में औपचारिक तौर पर योगी आदित्यनाथ का नाम रख उन्हें नेता चुन लिया गया। योगी आदित्यनाथ लगातार 5 बार से सांसद हैं।
 
 
यूपी में भाजपा की हिंदुत्ववादी राजनीति के चेहरे माने जाते हैं। यूपी भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और लखनऊ के पूर्व मेयर दिनेश शर्मा को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। नई सरकार 19 मार्च यानी रविवार को शपथ ग्रहण करेगी।
 
बीजेपी ने सीएम के लिए योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल कर जातिगत समीकरण को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर भी विराम लगा दिया है। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में राजपूत चेहरा चुनने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में गैर सवर्ण सीएम चुना जाएगा। इस क्रम में यूपी भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम भी सीएम रेस में माना जा रहा था।
 
 
शनिवार दोपहर यूपी की राजनीति के घटनाक्रम तेजी से बदले। रेल और दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गईं। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। 
 
दोपहर में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पहुंच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। 
 
 
यूपी में भाजपा की प्रचंड जीत में पिछड़ी जाति, गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। ऐसे में राजनीतिक पंडित यूपी सीएम के तौर पर किसी ओबीसी नेता की संभावना पर जोर दे रहे थे। 
 
सूत्रों के मुताबिक राजनाथ सिंह को भी बीजेपी सीएम पद के लिए मनाने की कोशिश हुई थी, लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। राजनाथ सिंह के इस रेस से हटने के बाद पिछले दो दिनों से गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा का नाम काफी तेजी से आगे बढ़ा। 
 
वाराणसी में यात्रा के दौरान मनोज सिन्हा के काशी विश्वनाथ और भैरव मंदिरों में दर्शन की तस्वीरों ने इस संभावना को और भी बल दिया लेकिन दिल्ली से लौटे योगी आदित्यनाथ की अचानक एंट्री से पूरा माहौल ही बदल गया।
 
एक नजर
* 5 जून 1972 को जन्में महंत आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह
* 22 साल में संसार त्याग कर संन्यास ग्रहण कर लिया
* 26 साल की उम्र में सबसे युवा सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे
* 5 बार लगातार गोरखपुर से सांसद निर्वाचित होते रहे
 
आखिर योगी ही क्यों
* कट्टर हिंदुत्ववादी की छवि, लव जेहाद-राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर कड़ा रुख
* संघ के भी करीबी। गोरखनाथ मंदिर के महंत और हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक
* हिंदू युवाओं को एकजुट कर सामाजिक और राष्ट्रवादी मुद्दों पर पूर्वांचल में माहौल
* राममंदिर निर्माण के वादे के साथ सत्ता मिली, काम आएगी योगी की छवि
* पूर्वांचल की 60 से अधिक सीटों पर योगी आदित्यनाथ की पकड़
 
आगे की स्लाइड्स में जानिए योगी का हिंदुओं से क्या है रिश्ता और उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में....
 
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