Top

बैंक और एटीएम से गायब हुए 50 और 200 के नोट, प्रशासन परेशान

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Dec 5 2017 9:24PM IST
बैंक और एटीएम से गायब हुए 50 और 200 के नोट, प्रशासन परेशान

नोटबंदी के बाद से बैंकों में कैश का फ्लो कम होने का सीधा असर आरबीआई द्वारा अगस्त में लांच दो सौ और पचास के नोटों पर भी नजर आ रहा है। बाजार के साथ ही बैंकों में भी दोनों नए नोटों की कमी बनी हुई है। अब तक इन नोटों के लिए एटीएम को रीकैलिब्रेट नहीं किया जा सका है।

वहीं विथड्रॉल के दौरान खासतौर पर दो सौ या पचास का नोट मांगने वालों को सीमित संख्या में ही ये नोट दिए जा रहे हैं। आरबीआई के चेस्ट में भी दो सौ और पचास के नोटों की संख्या बाकी नोटों से आधी से भी कम है। इस वजह से बाजार में भी कमी बनी हुई है।

इसे भी पढ़ें: गुजरात चुनाव में 'ओखी' का खतरा, पीएम मोदी ने की यह अपील

बैंक अधिकारियों का कहना है, चेस्ट से उन्हें नियमित मिलने वाली करंसी में सभी तरह के नोट होते हैं। बीते दो महीने में सभी नोट पहले की ही तरह आ रहे हैं, लेकिन दो सौ और पचास के नोटों की संख्या में कमी आई है। कुछ बैंकों में तो दिवाली के बाद से ही इसके खेप नहीं पहुंची।

ऐसे में ग्राहकों को इसे देने का सवाल भी नहीं उठता। चूंकि इन नोटों के हिसाब से एटीएम को तैयार नहीं किया गया है, इसलिए ब्रांच से ही बांटने का फैसला किया गया है।

विथड्रॉल के लिए बैंक आने वाले लोगों का ध्यान छोटे नोटों पर कम ही जाता है। शादी ब्याह या लेनदेन के किसी खास काम के लिए ही छोटे नोटों की डिमांड होती है। यही वजह है, बैंक भी इन नोटों को सिर्फ डिमांड पर ही खाताधारकों को दे रहा है।

इसे भी पढ़ें: राम मंदिर मामले में कांग्रेस से अमित शाह ने किया ये करारा सवाल

कोई वापस नहीं करता

नए नोटों के बाजार में आने के बाद संग्रह की प्रवृत्ति की वजह से भी इसका फ्लो नहीं हो पाता। पचास और दो सौ के नोट भी इसी संकट से जूझ रहे हैं। नया नोट होने की वजह से जिसे यह मिल रहा है, वह इसे सहेजकर रख रहा है। इस वजह से नोट बाजार तक नहीं पहुंच रहे। नोटबंदी के बाद दो हजार और पांच सौ के नोटों के साथ भी इसी तरह की समस्या पेश आई थी। हालांकि अब बाकी नाेट तो सामान्य हैं, लेकिन यही दो नोट बाजार से गायब हैं।

मुसीबत दस के सिक्कों में भी

दस रुपए के सिक्कों को लेकर कई बार आरबीआई, चैंबर ऑफ कॉमर्स और जिला प्रशासन स्पष्ट कर चुका है कि यह पूरी तरह मान्य है। इसके बावजूद बाजार में इन सिक्कों को लेने से लोग इनकार कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सिक्के नहीं लेने वाले के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए हैं। फिर भी सामान्य तौर पर दुकानदार या ग्राहक इन सिक्कों को स्वीकार नहीं करते। जिनके पास यह बड़ी संख्या में मौजूद है, उनके लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं।

बाकी नोटों से कम

पचास और दो सौ के नए नोटों की अापूर्ति समय-समय पर हो रही है, लेकिन इनकी संख्या बाकी नोटों की तुलना में कम है। डिमांड होने पर ही नोट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। (एसके मुखर्जी, महासचिव, छग बैंक एंप्लायज एसाेसिएशन)

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
50 and 200 notes missing from bank and atm rbi administration bothered

-Tags:#एटीएम#प्रशासन#परेशान
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo