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वैलेंटाइन-डे पर पढ़िए, प्यार में परवान चढ़ी एक अनोखी 'लव स्टोरी'

haribhoomi.com | UPDATED Feb 14 2017 10:24AM IST
रायपुर. प्यार... महज ढाई अक्षर के इस शब्द में पूरी दुनिया जहां समाई है। लोग प्यार में बड़ी-बड़ी कसमें खाते हैं पर प्यार वही निभा पाते हैं जिनका प्यार सच्चा हाेता है। अपने प्यार को साबित करने वे दुनिया की परवाह नहीं करते बस निकल पड़ते हैं प्यार की पथरीली राहों पर। जिनके प्यार में आपसी समझ, तालमेल, समर्पण की भावना होती है, जिनमें शिद्दत से वादा निभाने की जिद होती है उन्हीं का प्यार मुकम्मल होता है। जिनका प्यार सच्चा एवं पाक होता है कायनात भी उन्हें मिलने से नहीं रोक पाती है।
 
राजधानी में ऐसे ही कई मैरिड कपल हैं जिनका प्यार आज लोगों के लिए मिसाल है। आज वैलेंटाइन डे के खास मौके पर जानिए कुछ ऐसी ही प्रेम कहानियां...
 
बचपन का प्यार चढ़ा परवान
कटोरातालाब निवासी बिजनेसमैन धीरज पंजवानी एवं आंचल पंजवानी की जोड़ी आैर उनकी अनाेखी लवस्टोरी हर किसी का दिल छू जाती है। बात उन दिनों की है जब आंचल होलीक्रॉस पेंशनबाड़ा स्कूल में 8वीं की स्टूडेंट थीं अौर धीरज सेंट पॉल्स स्कूल में 9वीं के स्टूडेंट थे। वे आंचल काे देखने के लिए उनके स्कूल जाते थे और साइकिल से उनका पीछा करते हुए घर तक चले अाते थे। जब आंचल 12वीं एवं धीरज कॉलेज में आए तब उनका प्यार परवान चढ़ने लगा। आंचल कहती हैं कि, हमने तय किया हम अपने घरवालों की मर्जी से ही शादी करेंगे।
 
एक दिन मेरे पापा किसी शादी में गए तब वहां उन्हें धीरज का बायोडाटा मिला उसे पढ़कर वे बहुत खुश हुए तब वह बायोडाटा मुझे भी दिखाया ताे मैंने कहा कि जैसा आपको ठीक लगे। इस तरह घरवालों को हमारी दोस्ती के बारे में पता नहीं चला और हमारी शादी बिना किसी झगड़े के दोनों परिवारों की आपसी रजामंदी से परफेक्ट अरेंजमैरिज शादी धूमधाम से हो गई और हम शादी के इस अटूट बंधन में सदा के लिए बंध गए। हमारा रिश्ता बेहद ही प्रगाढ़ और अनोखा है।
 
आंचल ने हरिभूमि को बताया कि मेरे हसबैंड मेरे बेस्ट फ्रेंड हैं वे मेरी नेगेटिव बात पर भी प्यार से समझाते हैं। मुझे बहुत सपोर्ट करते हैं। हम दोनों का रिश्ता बेहद ही फ्रेंडली है। यदि आपका रिश्ता दाेस्ती की नींव पर टिका है तो उसे काेई डिगा नहीं सकता। कहते हैं कि यदि आपका प्यार सच्चा है तो कायनात भी उन्हें मिलाकर रहती है। हमारा रिश्ता रब ने तय कर दिया था। हम दोनों एक दूसरे के लिए परफेक्ट हैं।
 
अस्पताल में हुई मुलाकात, आज बंधेंगे बंधन में
जोड़ियां तक भगवान ऊपर ही तय कर देते हैं बस उनका मिलना जमीं पर छोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही रिश्ता है पंडरी निवासी टी. किरण और देवपुरी निवासी प्रत्यूष कुमार का। एमएमआई अस्पताल में प्रशासनिक विभाग में जॉब कर रहे प्रत्यूष ने बताया कि इस बात की बेहद ही खुशी है कि हम आज वैलेंटाइन डे पर शादी कर रहे हैं। प्रत्यूष बिहार से हैं और किरण साउथ से। हम अस्पताल में एक साथ करते थे और एक दूसरे को पसंद करते थे।
 
प्रत्यूष ने बताया कि एक दिन किरण ने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया तो मैंने हामी भर दी। पांच माह का यह रिश्ता शादी के बंधन में आज बदल जाएगा। इनके पिता डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद ने कहा कि बच्चों की खुशी में हमारी खुशी है। दोनों ही परिवार इस रिश्ते से बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि शादी के रिश्ते में प्यार, आपसी समझ, तालमेल, सम्मान एवं समर्पण जरूरी है।
 
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