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जन्मदिन विशेष: एक हादसे से सुरीले बन गए थे किशोर कुमार, जानिए अनसुनी बातें

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 4 2017 11:22AM IST
जन्मदिन विशेष: एक हादसे से सुरीले बन गए थे किशोर कुमार, जानिए अनसुनी बातें

मध्यप्रदेश के खंडवा में 4 अगस्त को जन्में 'किशोर कुमार' की आज 88वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनके बचपन का का नाम 'आभास कुमार गांगुली' था जिसे बदलकर उन्होंने किशोर कुमार कर लिया था। वह बंगाली परिवार से थे। किशोर कुमार बॉलीवुड के एक शानदार गायक कालाकार और अभिनेता रहे हैं। 

सिंगर होने के साथ-साथ किशोर दा म्यूजिक डायरेक्टर, गीतकार, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर भी थे। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से 
 
किशोर दा बचपन से ही सुरीले नहीं थे...
 
किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को हुआ था। पिता का नाम कुंजालाल गांगुली और माता का नाम गौरी देवी था। वे अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता कुंजीलाल खंडवा के बहुत बड़े वकील थे। मशहूर अभिनेता अशोक कुमार उनके सबसे बड़े भाई थे। अशोक कुमार संजीदा अभिनेताओं में से एक रहे हैं। 
 
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक से बढ़कर एक रोमांटिक और क्लासिकल गाने देने वाले किशोर दा बचपन से ही सुरीले नहीं थे। 
 
अशोक कुमार ने एक इंटरव्यू में जिक्र किया था कि बचपन में किशोर का गला बैठा हुआ था लेकिन एक घटना की वजह से उनकी आवाज बदल गई। दरअसल, एक बार उनकी मां रसोई में सब्जी काट रही थी। किशोर दा दौड़कर मां के पास जा रहे थे कि इतने में वहां रखे धारदार हंसिए पर उनका पैर कट गया।
 
वे कई दिनों तक इस दर्द में जोर-जोर से रोते थे। इस तरह घंटों रोने से उनकी वोकल कॉर्ड्स पर असर पड़ गया और उनकी आवाज अच्छी हो गई। वह अपनी सुरीली आवाज के लिए इसी हादसे को श्रेय देते थे।
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