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दुष्कर्म पीड़ितों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने किया ये बड़ा ऐलान

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 21 2017 2:28PM IST
दुष्कर्म पीड़ितों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने किया ये बड़ा ऐलान

दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप केस में सुनवाई करते हुए कहा है कि अगर दुष्कर्म का आरोपी पिता हो तो पीड़िता के बयान को ही सबूत के तौर पर मान्यता दी जा सकती है।

वहीं हाईकोर्ट ने आरोपी पिता की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए वकील की यह दलील खारिज कर दी कि रेप पीड़िता के बयानों में विरोधाभास है। 

हाईकोर्ट का कहना है कि मेडिकल जांच में लड़की के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। जिसके बाद ये बात मायने नहीं रखती कि पीड़िता घटना की तारीख और महीने को सही जानकारी देने में असफल रही। 

इस मामले में हाईकोर्ट की जज प्रतिभा रानी ने कहा कि पीड़िता शिक्षित नहीं है। जिसकी वजह से जरूरी नहीं कि उसे तारीख व महीने की सही जानकारी हो।

यह भी पढ़ें- प्रद्युम्न मर्डर केस: आरोपी अशोक की जमानत पर फैसला आज, डीएनए रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

क्या था मामला

पीड़िता के वकील के मुताबिक, 2008 में आरोपी की पत्नी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपी ने बेटी के साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया और विरोध जताने पर बेटी से मारपीट करने लगा।

इसके बाद 17 साल की पीड़िता ने पिता के खिलाफ रेप का केस दर्ज करवाया। 

इस मामले में लोअर कोर्ट ने 2009 में आरोपी पिता को सात साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद आरोपी ने लोअर कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

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delhi highcourt says if the father is rapist then victim testimony is enough for punishment

-Tags:#Delhi Highcourt#Highcourt#Rape#Crime News
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