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रायपुर: नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड जल्द शुरु करेगा GIS आधारित ड्रोन सर्वे एवं डाटा संग्रहण

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jan 2 2018 11:09PM IST
रायपुर: नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड जल्द शुरु करेगा GIS आधारित ड्रोन सर्वे एवं डाटा संग्रहण

शहर के मकान, सड़क, तालाब, वनक्षेत्र, साइड वाक पार्किंग आदि का नक्शा तैयार कर उसकी लंबाई, चौड़ाई, अतिक्रमण, टू व्हीलर पार्किंग, छोटी दुकानों, लैंप पोस्ट, ट्रांसफार्मर, बिजली खंभे, कूड़ा संग्रहण, संपत्ति कर से जुड़ी सभी डेवलपमेंट की जानकारी नक्शे पर देखकर जान लिया जाएगा और उनसे संबंधित समस्याओं का तुरंत हल किया जा सकेगा। इसके लिए नगर नगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड मिलकर जल्द ही शहर का ड्रोन सर्वे व डाटा संग्रहण का कार्य करने जा रहे हैं।

नगर निगम का कहना है कि यह प्रदेश का पहला जीआईएस आधारित ड्रोन सर्वे डाटा संग्रहण होगा। इसके अतंर्गत 54 स्तरीय बेसमैप तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जायेगा। इसके लिए ड्रोन 3 सेंटीमीटर रिजोल्युशन वाली फोटो क्लिक करेगा। साथ ही निकाय क्षेत्राें में डीजीपीएस सर्वे के लिए 100 से भी अधिक ग्राउंड कंट्रोल पाइंट की स्थापना की जायेगी, जिससे ड्रोन फोटो की भौगोलिक गुणवत्ता शत प्रतिशत हो सके।

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ड्रोन सर्वे के माध्यम से शहरी आबादी क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तनों, भवनों, खाली प्लाटों तथा भूमि उपयोग, डेवलपमेंट की जानकारी जुटाई जा सकेगी।

सर्वे से लाभ-

ड्रोन सर्वे से जीआईएस आधारित सर्वे की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने, मोर ग्रीन ट्री सेंसेस, शहरी क्षेत्र, आबादी क्षेत्र में परिवर्तनों का पता लगाने, बिल्डिंग चेंज डिटेक्शन का कार्य, निकाय क्षेत्र में जलाशयों के केचमेंट क्षेत्र का प्लान एवं मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण की पहचान आदि का कार्य किया जा सकेगा। साथ ही जीआईएस आधारित संपत्तिकर सर्वे से प्राप्त भवन का क्षेत्रफल, उंचाई, फूट प्रिंट एरिया व भवन की डेटा की तुलना कर प्रमाणित आकड़ों से संपत्तिकर की गणना की जा सकेगी।

पेंड़ों की संख्या व प्रजाति की पहचान ऑनलाइन

मोर-ग्रीन ट्री सेंसेस एप्लिकेशन के माध्यम से शहर के सभी वृक्षों की गणना, वृक्षों की यूनिक आईडी, प्रजाति, उम्र, ऊंचाई, मोटाई संबंधी जानकारी को नक्शे के माध्यम से आॅनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। मोर-ग्रीन ट्री सेंसेस मोबाइल एप्लिकेशन शहरवासियों को उपलब्ध कराया जायेगा। इससे नगरवासी अनुपातिक वानिकी की जानकारी एवं घनत्व को देख पाएंगे। साथ ही उससे संबंधित जानकारी अथवा सुझाव भी शासन को भेज सकेंगे।

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केचमेंट एरिया प्लान से रुकेगा प्रदूषण

सर्वे के तहत तालाबों में होने वाली गंदगी व सूखे जैसी समस्या काे हल करने केचमेंट एरिया का प्लान बनाया जायेगा। इसके माध्यम से जलाशयों की पहचान, उसका सीमांकन, आकार एवं अनुपात के आधार पर जलाशयों का वर्गीकरण किया जायेगा। वर्गीकरण के आधार पर वाटर शेड, भूजल गुणवत्ता, आवक-जावक प्रवाह के माप के आधार पर केचमेंट एरिया प्लान तैयार होगा। इससे जलसंकट, सूखा व जल प्रदूषण की समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।

टेंडर की प्रक्रिया जारी

शहर का डीएसएम डिजिटल सर्फेस मॉडल तथा डीईएम डिजिटल एलिवेशन माॅडल भी तैयार किया रहा है, ताकि भविष्य में वाटर पाइप लाइन, ड्रेनेज, नालियों और सड़कों को बनाते व सुधार के वक्त डिजिटल एलिवेशन माॅडल से मदद ली जाएगी। इससे नगर निगम का पैसा व समय दोनों ही बचेगा। डीएसएम के माध्यम से भवनों का 3 डी तैयार किया जायेगा। इस परियोजना की निगम द्वारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।

सर्वे का काम जल्द

ड्रोन सर्वे से शहर के डेवलपमेंट से जुड़ा बेसमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। सर्वेे का काम टेंडर के बाद जल्द शुरू हो जायेगा।

- रजत बंसल, कमिश्नर नगर निगम रायपुर

 

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