Breaking News
Top

एक लाख किसानों के राशनकार्ड होंगे निरस्त

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Oct 13 2017 12:20AM IST
एक लाख किसानों के राशनकार्ड होंगे निरस्त

भूमिहीन कृषक बताकर उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर 75 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले प्रदेश के करीब एक लाख किसानों को अब सस्ता राशन नहीं मिलेगा। उनका राशनकार्ड निरस्त हो जाएगा।

राज्य सरकार की नई राशन नीति के तहत ऐसे किसानों को गरीब नहीं माना जा रहा, इसलिए उनका राशनकार्ड निरस्त करने का आदेश है। कुछ किसानों के राशनकार्ड निरस्त किए गए थे, लेकिन बवाल के बाद जुड़ गए थे।

अब पूरी तरह निरस्त कर दिया जाएगा। आरोप यह भी है कि कुछ किसान जिनकी भूमि कम है, उनके भी कार्ड निरस्त हो गए।

यह भी पढ़ें- शिमला जिले के जुब्बल में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से 10 घर जलकर हुए खाक

प्रदेश में 60 लाख से अधिक राशनकार्ड में करीब एक लाख राशनकार्ड ऐसे हैं, जो कृषक परिवार के हैं। ये राशनकार्ड नई राशन नीति के तहत अपात्र पाए गए हैं। इस संबंध में शासन ने जनवरी में आदेश जारी किया था, लेकिन अभी तक इसमें रियायत बरती गई थी।

जैसे ही बोनस वितरण का मामला सामने आया, आदेशों के तहत एक बार फिर कार्रवाई शुरू हो गई। इसमें कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने खुद को भूमिहीन किसान मजदूर बताकर राशनकार्ड बनवाया था, लेकिन जब अपने-अपने खाते में उन्होंने 75 क्विंटल से अधिक धान बेचा, तो वे स्वत: गरीबी रेखा के दायरे से बाहर आ गए।

जांच-पड़ताल में हुआ था खुलासा

शासन ने उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए सस्ता राशन देने के लिए पात्र माना है। इससे अधिक जमीन वाले किसान लघु व सीमांत किसान माने जाते हैं और जिनके पास जमीन ही नहीं, वे भूमिहीन माने जाते हैं।

बीपीएल के नीचे जीवनयापन करने वालों को सरकार सस्ता राशन, चावल, मिट्टी तेल आदि देती है। ऐसे लोगों की सूची में उन किसानों ने भी अपना नाम शामिल करा लिया, जिनके खाते में पांच एकड़ से अधिक जमीन दर्ज है।

ऐसे किसानों के अकाउंट से जब आधारकार्ड की सीडिंग की गई, तो पता चला है कि किसानों ने 75 क्विंटल से अधिक धान बेचा है।

रायपुर जिले में भी कट रहा कार्ड

तिल्दा ब्लॉक के रायखेड़ा के सरपंच खिलावन शर्मा ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत एवं आसपास की ग्राम पंचायतों के 75 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों के राशनकार्ड अपात्र हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि एकड़ में 15 क्विंटल तक ही धान बेचने का प्रावधान है, इसलिए 6 एकड़ कृषिभूमि वालों का राशनकार्ड निरस्त हो जाएगा। इसी प्रकार आरंग जनपद पंचायत अध्यक्ष पुष्पा पिंटू कुर्रे ने कहा कि कुछ किसानों के साथ बहुत से मजदूरों के भी राशनकार्ड वेरीफिकेशन में कट गए हैं।

इसे सूचीबद्ध कर शिकायत की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों की ही है। एक हाथ से बोनस दे रही है और दूसरे हाथ से राशन काट रही है।

मैदानी इलाकों में अधिक फसल

प्रदेश के मैदानी इलाकों में धान की फसल अधिक होती है, इसलिए मैदानी जिलों में ही 5 एकड़ से अधिक की भूमि वाले किसान हैं। सामान्यतया धान की फसल तो सभी जिलों में होती है।

लेकिन औसतन महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा राजनांदगांव, बालोद, कबीरधाम, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर चांपा, कोरबा, रायगढ़, कोरिया आदि जिलों में धान की फसल अधिक होती है। गरियाबंद, बस्तर, बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर, सरगुजा, दंतेवाड़ा सहित सभी जिलों में धान की फसल सामान्य रहती है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहिले ने कहा कि राशनकार्ड के संबंध में शासन की गाइडलाइन है। इस संबंध में पहले से आदेश जारी है। अब जो पात्र होगा, उनका नाम राशनकार्ड में यथावत रहेगा और जो अपात्र होगा, उसका कट जाएगा। चाहे वह किसान हो या कोई भी।

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
ration card for one lakh farmers will be canceled

-Tags:#Chhattisgarh#Raipur News#Ration Card
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo