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स्टेट पुलिस 20 साल से हो रही थी फेल लेकिन प्यार में पड़कर ईनामी नक्सली ने पत्नी समेत किया सरेंडर

haribhoomi.com | UPDATED Aug 19 2014 10:10PM IST
रायपुर. बस्तर में नक्सली जोड़े ने एक-दूसरे के प्यार में पड़कर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। इस जोड़े का संगठन भी इनके प्यार का दुश्मन बन गया तो इन्होंने सरेंडर करने में ही अपनी भलाई समझी। पुरुष नक्सली करीब दो दशक से संगठन में काम कर रहा था और पुलिस ने इस पर ईनाम भी रखा हुआ था। महिला नक्सली कैंप में दूसरे नक्सलियों का इलाज करती थीं। तीन लाख रुपए के इनामी नक्सली कमांडर डीवीसीएम संपत और उसकी पत्नी ने सोमवार को आईजी एसआरपी कल्लूरी और कोंडागांव तथा नारायणपुर एसपी सुकमा के हथियार समेत आत्मसर्मपण किया। उन्होंने पकड़े जाने के बाद कई खुलासे भी किए हैं। 
 
नक्सली दम्पति ने बताया कि तेंदूपत्ता, निर्माण कार्यो से करोड़ों रूपये की लेवी वसूल की जाती है। जिसका सारा हिस्सा आंध्र प्रदेश के बड़े कमांडर ले जाते हैं। सम्पत ने बताया कि उसकी वर्ष 2006 में अनिता पति उसारू (40) चेरपल्ली थाना फरसेगढ़ जिला बीजापुर की र्मदापाल एलओएस सदस्य के साथ शादी होने के बाद डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर डिविजन प्रभारी राजू उर्फ के रामचंद्र रेड्डी ने इसके साथ कई अन्य छत्तीसगढ़ के नक्सलियों की नसबंदी करा दी थी जबकि स्वयं नसबंदी नहीं कराते हैं। 
 
महिला नक्सली आसमती जो कि कंपनी नं0 6 की डॉक्टर है, संपत से प्रेम हो गया। जिसकी जानकारी पूर्वी बस्तर डिवीजन प्रभारी राजू उर्फ के रामचंद्र रेड्डी को हुई तो उसनें दोनों को अलग-अलग करने का फैसला सुना दिया। इसलिए उन्होंने अपनी कथित पत्नी सहित संगठन छोड़ने का मन बना लिया। आत्म सर्मपित महिला नक्सली आसमती एसी मेंबर नक्सलियों की डॉक्टर थी। आंध्र प्रदेश के नक्सली लीडरों से त्रस्त होकर संपत ने आत्मसर्मपण किया। संपत पुलिस थाना, कैम्प लूटपाट एवं आगजनी हत्या जैसे कई गंभीर आपराधिक वारदातों मे शामिल था। संपत उर्फ सुट्टे उर्फ गुड्डू पर राज्य शासन द्वारा दो लाख और उनकी पत्नी पर एक लाख रुपए का ईनाम घोषित था। दोनों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उडीसा सहित कई राज्यों में 20 बड़े नक्सली वारदातों में शामिल थे। आत्म सर्मपित महिला नक्सली आसमती एसी मेंबर नक्सलियों की डॉक्टर थी।
 
पुलिस के अनुसार संगठन के नाम पर आंध्र प्रदेश के बड़े नक्सली कमाण्डर करोड़ों का चंदा वसूली कर रकम स्वय रखते है। बड़ी-बडी घटनाओं में आंध्र प्रदेश के बड़े नक्सली कमाण्डर छग के नक्सलियों को आगे रखते है, जिसमें कई नक्सली मारे गये है। पूर्वी बस्तर डिविजन के डीव्हीसी सदस्य, मिलिट्री कम्पनी नं. 06 के नक्सली (माओवादी) कमाण्डर सम्पत उर्फ सुट्टे उर्फ गुडु उर्फ उसारू पिता दुकारू कोर्राम (38) निवासी पदेली थाना र्मदापाल,जिला कोण्डागांव ने अपनी पत्नी आसमति नेताम (22) निवासी कौशलपारा थाना धौड़ाई जिला नारायणपुर ने आत्मसर्मपण किया।
 
दोनों नक्सलियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के नक्सलियों के भेदभाव से त्रस्त होकर और राज्य की पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर हमने आत्मसर्मपण का निर्णय लिया। संपत ने बताया कि आंध्रप्रदेश के बड़े नक्सली छत्तीसगढ़ में कई बड़े नर संहार जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। जब उनको पारिवारिक जीवन यापन करना होता है तो आंध्र प्रदेश में जाकर बड़ी रकम के लालच में सरेंडर कर देते है एवं हम छत्तीसगढ़ के नक्सलियों को ऐसा करने पर प्रताड़ित करके दुष्प्रचार करते है कि अगर संगठन छोड़कर जाओगे तो पुलिस तुमको मार देगी। वर्तमान मे नक्सली संगठन अपने मूल लक्ष्य से भटक कर मात्र पैसा वसूली का जरिया बन गया है। 
 
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, 1995 में हुआ था कोंडागांव दलम में भर्ती- 

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