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मिशन रफ्तार: अब रायपुर से 10 घंटे में पहुंच सकेंगे मुंबई

हरिभूमि ब्यूरो/ रायपुर | UPDATED Sep 22 2017 2:06AM IST
मिशन रफ्तार: अब रायपुर से 10 घंटे में पहुंच सकेंगे मुंबई

देश में बुलेट ट्रेन की शुरुआत के साथ ही सबसे व्यस्त मार्गों को भी हाईस्पीड बनाने के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। बिलासपुर से नागपुर ही नहीं, मिशन रफ्तार के तहत अब हावड़ा मुंबई रूट पूरी तरह हाईस्पीड होगा। 

इस रूट पर 160 से 200 किलाेमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलेगी। रायपुर या बिलासपुर से हावड़ा और मुंबई दोनो ही स्थानों का सफर महज 10 घंटे का रह जाएगा। 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने हाईस्पीड ट्रेन चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को 900 करोड़ का स्टीमेट दिया था। फेंसिंग प्रोजेक्ट के लिए रेलवे ने पहली खेप में 16 करोड़ स्वीकृत कर दिया है।

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को हाईस्पीड प्रोजेक्ट के लिए रायपुर डिवीजन के जी केबिन से दुर्ग तक 18 किलोमीटर फेंसिंग कराने का टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सिग्नल, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल विभाग को भी हाईस्पीड प्रोजेक्ट के लिए काम तेज करने कहा गया है। 

जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया, रेलवे बाेर्ड ने इस रूट की व्यस्तता और कारोबार के लिहाज से महत्ता को देखते हुए पूरे ट्रैक को ही हाईस्पीड बनाने का निर्णय लिया है। 

इसके लिए मध्य रेल को नोडल एजेंसी बनाया गया है। बिलासपुर जोन के दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस प्रोजेक्ट के लिए अटैच किया गया है। 

हाईस्पीड से जुड़े सभी कामकाज की समीक्षा अब जोन द्वारा नहीं, बल्कि सीधे रेलवे बोर्ड द्वारा की जाएगी। सब ठीक रहा, तो 2020 तक इस रूट पर 200 की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना तैयार की गई है।

छत्तीसगढ़ को यह फायदा

हावड़ा मुंबई रूट के पूरी तरह हाईस्पीड होने से प्रदेश में रेलों के परिचालन की गति बढ़ेगी। ट्रेनों की आवाजाही सुगम होने से माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी।

इतना ही नहीं, देश के दो शहरों से छत्तीसगढ़ की दूरी समय के हिसाब से आधी होकर रह जाएगी। वर्तमान में मुंबई जाने में 20 से 24 घंटे लगता है। यह 160 की स्पीड के बाद 10 घंटे से भी कम होकर रह जाएगा। रेलवे के राजस्व में वृद्धि भी होगी।

दूसरे चरण में 80 किलोमीटर

रेलवे बोर्ड ने पहले चरण में बिलासपुर जोन के 18 किलोमीटर लाइन पर फेंसिंग की स्वीकृति दी है। दूसरे चरण में 80 किलोमीटर के दायरे में दोनो ओर फेंसिंग की किया जाएगा।

हालांकि वर्ष 2017-18 में जी केबिन से दुर्ग के लाइन पर ही फेंसिंग का काम हो सकेगा। इसके बाद ट्रैक के आसपास वाहनों या मवेशियों के आने का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। बिलासपुर से नागपुर तक इसी तरह फेंसिंग की जाएगी।

अभी यह है स्थिति

बिलासपुर से नागपुर तक अधिकतर क्षेत्रों में तिहरीकरण हो गया है। इसके बावजूद खस्ताहाल ट्रैक की वजह से ट्रेनों को 100 किलोमीटर की रफ्तार से चलाना मुश्किल है।

राजनांदगांव से गोंदिया तक पहाड़ी और घुमावदार रास्तों की वजह से ट्रेनों की रफ्तार बहुत कम हो जाती है। बिलासपुर से रायपुर के बीच 110 किलोमीटर के रूट पर भी कुछ स्थानों पर बहुत कम स्पीड में ट्रेनों का परिचालन किया जाता है।

मिशन रफ्तार में शामिल

बिलासपुर नागपुर ही नहीं, वर्तमान में हावड़ा से मुंबई तक मिशन रफ्तार के तहत हाईस्पीड प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इसी क्रम में बोर्ड से फेंसिंग के प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दी गई है।

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