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अब यहां मजदूरों को 5 रुपए में मिलेगा गरमा गरम खाना

हरिभूमि ब्यूरो/ रायपुर | UPDATED Sep 18 2017 1:54AM IST
अब यहां मजदूरों को 5 रुपए में मिलेगा गरमा गरम खाना

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जय ललिता की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी के तेलीबांधा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना के तहत कैंटीन का प्रारंभ किया।

इस कैंटीन में शहर के मजदूरों को रोज महज पांच रुपए में दाल, चावल, सब्जी, अचार, पापड़ वाला खाना मिलेगा। प्रदेश के 27 जिलों में ऐसे ही कैंटीन और खोल जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयंती और श्रम दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित श्रमवीरों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना के प्रदेश के प्रथम केन्द्र का शुभारंभ किया।

उन्होंने इस अवसर पर ग्राम पिरदा में श्रमिकों के लिए दस करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले राज्य स्तरीय कौशल उन्नयन केन्द्र एवं ट्रांजिट हास्टल का भूमिपूजन किया। इस केन्द्र में प्लम्बर, फिटर और सिलाई-कढ़ाई सहित अनेक ट्रेडों में कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सभी जिलों में खुलेगी कैंटीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना के तहत प्रदेश के सभी 27 जिलों में 60 केन्द्र प्रारंभ किए जाएंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से लगभग 60 हजार श्रमिकों को प्रतिदिन गरमा-गरम भोजन पांच रुपए में दिया जाएगा।

राजधानी रायपुर में इस योजना के अंतर्गत प्रारंभ हुए केन्द्र से भी लगभग एक हजार श्रमिकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। श्रमिक इस केन्द्र से सवेरे 8 बजे से दस बजे तक भोजन प्राप्त कर सकेंगे। वे चाहें तो केन्द्र पर ही भोजन कर सकते हैं, या टिफिन में ले जा सकते हैं।

कौशल उन्नयन केन्द्र का भी लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने इस केन्द्र के परिसर में कचरा बीनने वाली बच्चियों और महिलाओं के लिए कौशल उन्नयन केन्द्र का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां प्रारंभ हुए कौशल उन्नयन केन्द्र में 50 बच्चियों को तीन माह का सिलाई-कढ़ाई, खाना बनाने या इच्छानुसार उन्हें किसी अन्य व्यवसाय में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 300 रुपए प्रतिदिन के मान से न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। इस प्रकार एक माह में उन्हें नौ हजार रूपए मिलेंगे। प्रशिक्षण पूरा करने वाली बच्चियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। यह केन्द्र लगातार संचालित किया जाएगा और 50-50 बच्चियों के समूह को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बच्चों को पढ़ाएं, फीस हम देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, यदि उनके बच्चों का दाखिला मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईटीआई या पॉलीटेक्निक में होता है तो उनकी फीस राज्य सरकार द्वारा श्रम विभाग के माध्यम से दी जाएगी।

कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है। अब तक एक लाख से ज्यादा महिलाओं को सिलाई मशीन दी जा चुकी है।

विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने बताया कि राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुए केन्द्र में मजदूरों के पंजीयन का काम भी श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव आरपी मंडल ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एन्टी और श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेशचंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
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