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गृहमंत्री का इलाज करने वाले 'कंबल बाबा' की कमाई 1 करोड़

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 20 2017 4:33AM IST
गृहमंत्री का इलाज करने वाले 'कंबल बाबा' की कमाई 1 करोड़

गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का इलाज कर सुर्खियों में आए कंबल बाबा उर्फ गणेश यादव कहने को तो मुफ्त में इलाज करते हैं, लेकिन दिनभर घूम रही आरती की थाली में धन बरसता है।

ताबीज-गंडे और यंत्र का कारोबार अलग है। कहा जा रहा है कि प्रतिदिन 25 से 30 हजार की आमदानी यहां होती है यानी सालाना आकड़ा एक करोड़ छू रहा है।

अहमदाबाद के मूल निवासी कंबल बाबा उर्फ गणेश यादव का दावा है कि वे पिछले 28 वर्षों से कंबल ओढ़ाकर विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों का इलाज कर रहे हैं। चार शिविर में पहुंचने वाले हजारों लोग अब तक ठीक भी हो चुके हैं।

बाबा का यह भी दावा है कि जिस चमत्कारी कंबल को ओढ़ाकर वे गंभीर मरीजों को ठीक करते हैं वह चमत्कारी कंबल उन्हें मां काली से प्राप्त हुआ है।

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इस कंबल में तंत्र- मंत्र व यंत्र की चमत्कारी शक्तियां हैं तथा कंबल के नीचे आते ही मरीजों की असाध्य बीमारियां ठीक होने लगती हैं।  अपने अजीबोगरीब इलाज से चिकित्सा विज्ञान को चुनौती देने वाले कंबल बाबा के इलाज का तरीका भी चौंकाने वाला है।

बाबा अपने चमत्कारी कंबल से अंधा, गूंगा, बहरा, मंदबुद्धि, पोलियो व लकवा ग्रस्त रोगियों के साथ ही चिकित्सा शास्त्र के लिए चुनौती बनी डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व किडनी रोगों का इलाज करने का दावा करते हैं।

इतना ही नहीं बाबा बांझ महिलाओं की झोली में नारियल व अगरबती देकर उनकी गोद भरने का भी दावा करते है। शिविर में पहुंचने वाले बीमारों की भीड़ के ऊपर बाबा अपने दोनों हाथ से एक कंबल पकड़कर अपने सहयोगियों की मदद से झाड़ देते हैं बस इलाज पूरा।

पोलियो व लकवाग्रस्त रोगियों के शरीर में बाबा कोई तेल लगाकर हाथ-पैर को बेरहमी से खींच देते हैं और रोगी को सहारा देकर खड़ा कर देते हैँ।

ग्राम स्याही स्थित शिविर में बसंतपुर निवासी जय लखन रवि सहित कुछ रोगी अपनी जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे तथा बाबा के इलाज से अपना शुगर लेवल काफी कम होने का दावा कर रहे थे वहीं ऐसे रोगियों की संख्या अधिक थी जिन्हें अब तक कोई आराम नहीं मिला है।

अपनी डायबिटीज का इलाज करा रहे गृहमंत्री रामसेवक पैकरा को कंबल बाबा की शक्कर खाने से कितनी राहत मिली है यह तो वहीं जानें लेकिन बाबा चार शिविरों में अपनी शक्कर खिलाकर गृहमंत्री का शुगर ठीक करने का दावा जरूर कर रहे हैं।

शक्कर से डायबिटीज का इलाज करने के संबंध में कंबल बाबा का कहना है कि वह शक्कर प्रसाद है तथा चमत्कारी होने के कारण डायबिटिज पीड़ितों को कोई नुकसान नहीं करती है।

बाबा से इलाज कराने वाले गृहमंत्री अकेले वीआईपी नहीं हैं क्षेत्र के कई भाजपा व वरिष्ठ नेता व शासकीय कर्मचारी अपने गंभीर रोगों के इलाज हेतु बाबा के शरण में हैँ।

हर समय आरती

कंबल बाबा पीड़ितों का इलाज नि:शुल्क करने का दावा करते हैं लेकिन उनके शिविर में पूरे दिन आरती की थाली घुमाई जाती है। शिविर में पहुंचने वाले हजारों लोग अपनी श्रद्धा से आरती लेकर रुपए की भेंट चढ़ाते हैं।

जिसमें न्यूनतम 20-30 हजार रुपए की आमदनी होती है। इसके अतिरिक्त शिविर में बाबा के अनुयायी सौ रुपए का चमत्कारी श्री यंत्र व 20 रुपए का ताबीज भी बेचते हैं। बाबा के चमत्कार में विश्वास रखने वाले लोग अपने परिवार के हर सदस्य के लिए श्रीयंत्र खरीदते हैं।

सिंगरौली पहुंचे बाबा

इसके पूर्व कंबल बाबा सिंगरौली में शिविर लगाकर पीड़ितों का इलाज करते थे। इस शिविर में बड़ी संख्या में वाड्रफनगर ब्लाक के भी मरीज इलाज कराने जाते थे।

लोगों ने अपने क्षेत्र में शिविर लगाने की इच्छा जताई तो बाबा ने एसडीएम की अनुमति लेने की बात कह दी। अनुमति मिलने के बाद बाबा ग्राम पंडरी, स्याही मोड़ व बरतीकला में अलग-अलग दिन शिविर लगाकर इलाज करते हैं।

बाबा अपने चेलों के साथ कहां रहते हैं इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। अब संभाग मुख्यालय सहित बलरामपुर जिलों के अन्य क्षेत्रों में भी शिविर आयोजित करने की तैयारियां चल रही हैं।

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-Tags:#Chhattisgarh News#Ramsevak Pakra#Sugar Treatment#Kamble Baba
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