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ऐसे करें गर्भाशय कैंसर से बचाव, जानिए

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 10 2017 1:03AM IST
ऐसे करें गर्भाशय कैंसर से बचाव, जानिए

ये कैंसर गर्भाशय (यूटेरस) में होता है, जहां बच्चा विकसित होता है। गर्भाशय का कैंसर कई तरह का होता है। जैसे एन्डोमेट्रियल कैंसर व यूटेरियन सार्कोमस। एन्डोमेट्रीयल कैंसर सामान्य है और ये तब होता है, जब कैंसर का हमला गर्भाशय (यूटेरस) की परत पर होता है। 

यूटेरियन सार्कोमस के मामले काफी कम पाए जाते है। ये गर्भाशय (यूटेरस) की पेशियां या सहायक टिश्यूज़ में फैलता है। इसीलिए हर साल डॉक्टर से पेल्विक जांच कराना चाहिए। यह कहना है कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक चौधरी का।

लक्षण-

मासिक चक्र के दौरान बहुत ज़्यादा खून का रिसाव हो, पेशाब करते समय दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द, मल या मूत्र से खून निकलना। ये लक्षण किसी भी बीमारी के भी हो सकते है, इसीलिए डॉक्टर की सलाह लेना ही उचित है।

कारण-

ईस्ट्रोजन का उच्च स्तर, एन्डोमेट्रियम हाईपरप्लासिया, मोटापा, उच्च रक्तचाप, पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम, नल्लीपैरीटी (कभी भी गर्भाधान नहीं होना), बांझपन (गर्भवती होने में असमर्थता), शीघ्र मीनार्की (माहवारी की जल्दी शुरुआत), रजोनिवृत्ति में देरी (मीनोपॉज, माहवारी बंद होना), एन्डोमेट्रियम पॉलिप या यूटीराइन अस्तर की अन्य सौम्य वृद्धि, मधुमेह, टॉमेक्सिफेन, हाईपरप्लासिया, पशु वसा का उच्च सेवन, पैल्विक विकिरण चिकित्स, शराब का सेव।

उपचार-

यूटेराइन कैंसर से बचने के लिए मोटापा कम होना जरूरी है। शरीर पर जमी अतिरिक्त चर्बी गर्भाशय कैंसर का कारण हो सकता है। जिन महिलाओं में मासिक धर्म की जल्दी शुरू होता है, या देर से रजोनिवृत्ति होती है और जिन महिलाओं ने अपने जीवन में बच्चे को जन्म नहीं दिया है वे गर्भाशय के कैंसर के विकास के लिए अतिरिक्त खतरे में होती हैं। इसलिए नियमित जांच करानी चाहिए और गर्भाशय में किसी भी प्रकार का असामान्य परिवर्तन होने पर शीघ्र निदान सुनिश्चित करना चाहिए।

सिस्टोस्कोपी-

एक प्रक्रिया जिसमे मूत्रमार्ग और मूत्राशय के अन्दर असामान्य जगहो कि जांच की जाती है। सिस्टोस्कोप (एक पतली रोशन नली) मूत्रमर्ग के रास्ते मूत्राशय में डाला जाता है। बायोप्सी के लिए ऊतक के नमूने भी लिए जा सकते हैं।

बायोप्सी-

ऊतक और कोशिकाओ को मूत्रमार्ग, मूत्राशय और कभी कभी प्रोस्टेट ग्रन्थी के अन्दर से निकालना, ताकि पैथोलोजिस्ट द्वारा उनकी सूक्ष्मदर्शी के नीचे जांच हो सके।

प्रयोगशाला जांच-

चिकित्सक जांचे जो कि रक्त, ऊतक और पेशाब कि कि जांच करती है। यह जांचे बीमारी का निदान, रूपरेखा , उपचारो की जांच और समय के साथ बीमारी का संचालन करने में मदद करती है।

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do such defenses to uterine cancer

-Tags:#Uterus Cancers#Symptoms#Methods of Healing
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