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छत्तीसगढ़: घंटों इंतजार के बाद नहीं आई एंबुलेंस, रिक्शे में ले जाना पड़ा शव

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 27 2017 8:07PM IST
छत्तीसगढ़: घंटों इंतजार के बाद नहीं आई एंबुलेंस, रिक्शे में ले जाना पड़ा शव

पत्थलगांव सिविल अस्पताल से एक वृद्धा के शव को सायकल रिक्शे में ले जाने का का विडियो सोशल मिडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन सुर्खियों में आ गया है। 

विडियो में एक महिला के शव को अस्पताल से बाहर निकालकर परिजन सायकल रिक्शा में ले जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। इस मामले में मृतिका के परिजन का कहना है कि उन्हें शव ले जाने के लिए अस्पताल से वाहन नहीं मिल पाया था इसलिए रिक्शे में शव को घर लाना पड़ा था।

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घटना 19 जुलाई की है। घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि पत्थलगांव के महादेवटिकरा निवसी सदमती बाई 85 वर्ष का उपचार सिविल अस्पताल में चल रहा था। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी और शव परिजन को सौंप दिया गया था।

शव को घर तक पहुंचाने के लिए वाहन अस्पताल में नहीं था। बताया जाता है कि वाहन का इंतजार करने को कहा गया था। परिजन घंटों तक शव वाहन आने का इंतजार करते रहे पर वाहन की व्यवस्था नहीं हो पाई। 

अंतत: देर रात को परिजन एक साईिकल पर लादकर शव को घर लेकर गए थे। इस दौरान किसी ने इस पूरी घटना का विडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया था। इतने दिन तक विडियो बनाने वाले ने इसे पोस्ट नहीं किया पर अचानक से रविवार को यह विडियो सोसल मिडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

मृतकों के प्रति गैरजिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन

शव को अपनी सुविधानुसार रिक्शे में अथवा खाट पर टांगकर ले जाने की यह कोई नई घटना जिले में घटित नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही इसमें साफ झलक रही है। अस्पताल में यदि उपचार के दौरान किसी की मृत्यु होती है।

तो आवश्यक कागजात तैयार कर शव को परिजन को सौंपा जाता है। शव को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अस्पताल प्रबंधन की होती है। सरकार ने इसके लिए मुक्तांजली वाहन भी मुहैया कराया है।

मुहैया कराया गया था वाहन

बीएमओ के डॉ जेम्स मिंज ने कहा कि घटना 19 जुलाई की है। मृतिका के परिजन को मुक्तांजली वाहन मुहैया कराया गया था। जिस वक्त शव परिजन को सौंपा गया था उस वक्त मुक्तांजली वाहन दूसरे केस में गया हुआ था। 

परिजन को मुक्तांजली वाहन के ड्राईवर से भी बात कराई गई थी और उन्हें इंतजार करने को कहा गया था। मुक्तांजली वाहन के टोल फ्री नंबर भी बातचीत के रिकार्ड दर्ज है। परिजन इंतजार ना कर अस्पताल प्रबंधन को बिना सूचना दिए साइकिल रिक्शा पर शव ले गए थे।

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dead body of a woman engaged in rickshaw in jashpur chhattisgarh

-Tags:#Chhattisgarh#Ambulance#Body Rickshaw
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