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रायपुर की 50 ट्रेनों में कैमरे नहीं, फाइलें चलती रही और यात्री लुटते रहे

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 26 2017 1:14AM IST
रायपुर की 50 ट्रेनों में कैमरे नहीं, फाइलें चलती रही और यात्री लुटते रहे

राजधानी एक्सप्रेस में चोरी की घटना ने एक बार फिर ट्रेनों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। रेलवे ने दो साल पहले ही राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी गोल्ड स्टैंडर्ड ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का फरमान जारी कर दिया है।

इसके बावजूद छत्तीसगढ़ की बिलासपुर दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में कैमरे लगाने को लेकर सिर्फ फाइलें ही चल रही हैं।

अब तक लंबी दूरी वाली ट्रेनों में कैमरे नहीं लगाए जा सके। सुरक्षा में चूक का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व लगातार अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

हरिभूमि ने राजधानी एक्सप्रेस में चोरी की घटना के बाद जब ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर पड़ताल की, तो चाैंकाने वाली जानकारी सामने आई।

बिलासपुर जोन से चलने वाली 50 से अधिक ट्रेनों में सिर्फ हमसफर एक्सप्रेस में ही सीसीटीवी कैमरे की सुविधा है।

बिलासपुर और दुर्ग से दूरंतो, राजधानी और शताब्दी समेत देश के महत्वपूर्ण शहरों के लिए कई ट्रेनें चलती हैं, लेकिन इनमें सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे। और तो और दिन के सफर वाली ट्रेनों में एस्कॉर्टिंग की व्यवस्था तक नहीं है।

रात के समय चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा का इंतजाम दूसरे जोन और मंडलों के भरोसे है। ऐसे में यात्री भगवान भरोसे ही ट्रेनों में सफर कर रहे हैं।

तीन महीने में आधा दर्जन घटनाएं

राजधानी एक्सप्रेस में ही तीन महीने में चोरी की आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें पांच घटनाएं सिर्फ इटारसी से नागपुर के पास ही हुई हैं, जबकि एक घटना नागपुर से रायपुर के बीच हुई।

जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार दो महीने पहले रिटायर्ड डीजी गिरिजाशंकर चौबे के परिजनों के सामान की चोरी की गई थी। वेंडरों की मिलीभगत और सुरक्षा की कमी से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

टीटीई पर भी कसेगा शिकंजा

राजधानी में 7 लाख के गहने चोरी के मामले में जीआरपी रायपुर ने मामला नागपुर के सुपुर्द कर दिया है। रविवार रात ही यहां से टीम भेजी गई। अब इस मामले में टीटीई पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।

जीआरपी का कहना है, टीटीई ने जांच में लापरवाही बरती। इस वजह से वेंडर का भाई अनाधिकृत रूप से दिल्ली से नागपुर तक सफर कर सका। उन्हीं पर चोरी का संदेह है। टीटीई ने भी टिकट चेक नहीं करने की बात मानी है।

कैसे होगी सुरक्षा

ट्रेनों में एस्कॉर्टिंग नहीं होने की बड़ी वजह जीआरपी और आरपीएफ में बल की कमी है। 14 हजार से अधिक जवानों की भर्ती होने के बावजूद आरपीएफ को गिने चुने जवान मिले, जबकि जीआरपी में साहब से जवान तक महज 425 लोगों के जिम्मे प्रदेशभर की ट्रेनों और थानों का कामकाज है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही हो रही है।

सुरक्षा बढ़ी, नागपुर भेजा मामला

राजधानी एक्सप्रेस में चोरी की वारदात के बाद प्रमुख ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। दिन की ट्रेनों में भी जवानों की तैनाती की जाएगी। वारदात की रिपोर्ट दर्ज कर नागपुर जीआरपी को भेज दिया गया है।

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50 train of raipur trains do not have cameras

-Tags:#Raipur News#Indian Railway
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