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नसबंदी के बाद 15 महिलाओं की सेहत बिगड़ी, जांच में सबको क्लीन चिट

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 2 2017 2:13AM IST
नसबंदी के बाद 15 महिलाओं की सेहत बिगड़ी, जांच में सबको क्लीन चिट

मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नसबंदी के आपरेशन के बाद पांच महिलाओं स्वास्थ्य खराब होने के मामले में डाक्टरों की टीम ने जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य संचालक रानू साहू को सौंप दी है।

इस जांच रिपोर्ट में सभी को क्लीनचिट दे दी गई है और कह दिया गया है कि नसबंदी आपरेशन में किसी तरह की कमी या लापरवाही नहीं बरती गई है। मजेदार बात यह है कि पूरी जांच रिपोर्ट में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि आखिर महिलाओं का स्वास्थ्य क्यों खराब हुआ।

इस नसबंदी मामले में जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी, क्योंकि जो स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक की जो जांच टीम पिछले दिनों जांच करने मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आई थी, वह टीम बंद कमरे में जांच कर वापस लौट गई थी।

यहां तक पीड़ित महिलाओं से भी पूछताछ नहीं किया गया था। इस तरह से जांच के नाम पर खानापूर्ति करके टीम लौट गई और बैठे-बैठे जांच रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य संचालक रानू साहू को रिपोर्ट भी सौंप दी गई।

इस जांच टीम में स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. केसी ओरांव व डॉ. पाटले एवं संयुक्त संचालक डॉ. मधुलिका सिंह शामिल थे।

ये है मामला

मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 2 अगस्त को नसबंदी शिविर लगाया गया था, जिसमें 15 महिलाएं पहुंची थीं। इन महिलाओं को दवा देकर घर भेज दिया गया था।

टांका सही तरीके से नहीं लगने के कारण बाद में 5 महिलाओं को दिक्कत होने लगी। तकलीफ बढ़ने पर सभी महिलाएं उपचार के लिए 14 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचीं और वहां पर डाक्टरों को टांका पकने की जानकारी दी।

इसके बाद महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज किया गया। नसबंदी आपरेशन में लापरवाही बरते जाने एवं संक्रमण की वजह से महिलाओं का टांका पकने की घटना मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तक पहुंची और उन्होंने इस मामले के जांच के निर्देश दिए।

इसके बाद स्वास्थ्य संचालक रानू साहू ने बिलासपुर सीएमएचओ डॉ. बीबी बेडे को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई।

पीड़ित महिला की छुट्टी

मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के शिविर में नसबंदी आपरेशन के बाद टांका पकने से जिन पांच महिलाओं का स्वास्थ्य खराब हुआ था, उनमें से यशोदाबाई नामक महिला की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब थी, उसे स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कर उपचार किया जा रहा था, लेकिन आज इस मामले में क्लीनचिट होते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से यशोदाबाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

यशोदा के अलावा पीड़ित महिलाओं में पुष्पा पति हेमलाल, यशोदाबाई पति लक्ष्मीप्रसाद, गौरी पति सुरेश, रजनी मनहर पति ओमप्रकाश, रूक्मणी पति रिखी शामिल थी।

इस मामले में पहले ही मस्तूरी बीएमओ डॉ. एनके कंवर को हटाया जा चुका है और ओटी अटेडेंट सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।

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15 women s health worsened after sterilization

-Tags:#Chhattisgarh News#Raipur News

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