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जानिए सुशील मोदी के छात्र संघ के महामंत्री से डिप्टी CM बनने तक का सफर

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jul 27 2017 12:38PM IST
जानिए सुशील मोदी के छात्र संघ के महामंत्री से डिप्टी CM बनने तक का सफर

बिहार सरकार में तीसरी बार उपमुख्यमंत्री के पद पर काबिज होने वाले सुशील कुमार मोदी बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता हैं। वे इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के दायित्व संभाल चुके हैं। 

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बुधवार की शाम महागठबंधन के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को त्यागपत्र सौंप दिया। नीतीश के इस्तीफा देते ही बीजेपी ने जेडीयू को समर्थन की घोषणा की और मोदी तीसरी बार डिप्टी सीएम के पद पर आसीन हुए। 

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डिप्टी सीएम सुशील मोदी का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 5 जनवरी 1952 को हुआ। उनके पिता का नाम मोती लाल मोदी और माता का नाम रत्ना देवी था। 

छात्र जीवन से की राजनीति की शुरुआत

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने छात्र जीवन से ही अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत कर दी। वे 1971 में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के 5 सदस्यीय कैबिनेट के सदस्य बने। इसके बाद 1973-77 में डिप्टी सीएम पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ के महामंत्री बने, उसी वर्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अध्यक्ष बने और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद संयुक्त सचिव चुने गए।  

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आरएसएस से रहा नाता

भारत-चीन युद्ध, 1962 के दौरान सुशील कुमार मोदी काफी सक्रिय रहे थे। आम लोगों को शारीरिक फिटनेस का प्रशिक्षण देने के लिए सिविल डिफेंस के कमांडेंट नियुक्त किए गए थे। उसी साल मोदी आरएसएस की सदस्यता ले ली। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आरएसएस के विस्तारक की भूमिका में दानपुर व खगौल में काम किया। बाद उन्हें पटना शहर के संध्या शाखा का हेड बना दिया गया। बता दें कि डिप्टी सीएम ने अपने परिवार के विरुद्ध जाकर समाजसेवा का रास्ता चुना। 

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जेपी आंदोलन और आपातकाल में निभाई सक्रिय भूमिका

आपको बता दें कि छात्र आंदोलन के दौरान सुशील मोदी 1972 में पहली बार 5 दिन के लिए जेल गए थे। उन्हें जेपी आंदोलन और आपातकाल के दौरान 1974 में पांच बार गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उन्हें 19 महीनों तक जेल में रहना पड़ा था। 

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भारतीय जनता पार्टी में दायित्व

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को पहली बार 1995 में बीजेपी विधानमंडल का मुख्य सचेतक बनाया गया था और उसी वर्ष उनके काम को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्री मंत्री भी बनाया था। 2004 में पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व ने उनके काम को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया और अगले साल 2005 में उन्हें बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसी वर्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकार बनी और इस सरकार में मोदी बीजेपी की ओर से डिप्टी सीएम बने। 

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