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वट सावित्री व्रत: ये है वट सावित्री व्रत-पूजा का पूजन सामग्री, जानिए पूजा की सही विधि

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED May 12 2018 2:40PM IST
वट सावित्री व्रत: ये है वट सावित्री व्रत-पूजा का पूजन सामग्री, जानिए पूजा की सही विधि

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्णपक्ष की अमावस्या को किया जाता है। वट सावित्री व्रत मुख्यरूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी स्त्री इस व्रत को करती हैं उसका सुहाग अमर हो जाता है।

महाभारत के वनपर्व में वर्णित कथा के अनुसार जिस तरह सावित्री ने अपने पति सत्यवान को यमराज के मुख से बचा लिया था। उसी प्रकार से इस व्रत को करने वाली स्त्री के पति पर आने वाल हर संकट दूर हो जाता है।

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वट सावित्री व्रत में महिलाएं वट (बरगद) वृक्ष के नीचे सावित्री-सत्यवान का पूजन करती हैं। यही कारण है कि इस व्रत का नाम वट-सावित्री है। शास्त्रों के अनुसार वट सावित्री व्रत को में पूजन सामग्री विशेष महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पूजन सामग्री यह व्रत का अधूरा रह जाता है।

वट सावित्री पूजन सामग्री (Vat Savitri Puja Material)

सत्यवान-सावित्री की मूर्ति (कपड़े की बनी हुई) 

बाँस का पंखा

लाल धागा

धूप 

मिट्टी का दीपक

घी 

फूल

फल (आम, लीची और अन्य फल)

कपड़ा 1.25 मीटर का दो 

सिंदूर

जल से भरा हुआ पात्र

रोली 

वट सावित्री पूजन विधि (Vat Savitri Poojan Vidhi)

महिलाएं इस दिन सुबह उठकर नित्यकर्म से निवृत हो जाएं। स्नान के पश्चात् शुद्ध जो जाएं। फिर नये वस्त्र पहनकर सोलह श्रृंगार कर लें। इसके बाद पूजन की सभी सामग्री को टोकरी या डलिया / बैग में व्यवस्थित कर लें।

इसके बाद वट (बरगद) वृक्ष के नीचे सफाई कर सभी सामग्री रख लें। सबसे पहले सत्यवान और सावित्री की मूर्ति को वहां स्थापित करें। इसके बाद धूप, दीप, रोली, सिंदूर से पूजन करें।

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लाल कपड़ा सत्यवान-सावित्री को अर्पित करें और फल समर्पित करें। फिर बाँस के पंखे से सत्यवान-सावित्री को हवा करें। बरगद के पत्ते को अपने बालों में लगायें।

अब धागे को बरगद के पेड़ में लपेटकर यथाशक्ति 5,11,21,51, या 108 बार परिक्रमा करें इसके बाद सावित्री-सत्यवान की कथा पंडित जी से सुनें और उन्हें यथा सम्भव दक्षिणा दें या कथा खुद पढ़ें।

फिर अपने-अपने घरों को लौट जाएं। घर में आकर उसी पंखें से अपने पति को हवा करें और उनका आशीर्वाद लें। उसके बाद शाम के वक्त मीठा भोजन करें।

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