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उत्पन्ना एकादशी: शुभ मुहूर्त और महत्व

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 11 2017 2:53PM IST
उत्पन्ना एकादशी: शुभ मुहूर्त और महत्व

उत्पन्ना एकादशी कार्तिक पूर्णिमा के ठीक बाद की एकादशी होती है। उत्पन्न एकादशी मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की एकादशी को होती है। शास्त्रों के अनुसार इस एकादशी को ही एकादशी व्रत की शुरुआत हुई थी।

मान्यता के अनुसार सतयुग में इसी एकादशी के दिन ही विष्णु से शरीर से एक देवी के उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न हुई देवी ने इनकी जान बचाई थी।

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जिससे प्रसन्न होकर विष्णु ने इस देवी का नाम एकादशी रखा था। इस साल उत्पन्ना एकादशी 14 नवंबर (मंगलवार) को है। वुष्णु पुराण के अनुसार इस एकादशी का व्रत जो भी करता है उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

उत्पन्न एकादशी शुभ मुहूर्त

तिथि- 14 नवंबर  

दिन- मंगलवार 

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एकादशी तिथि आरंभ- 12:25 पूर्वाह्न (13 नवंबर) 

एकादशी तिथि समाप्त- 12:35 पूर्वाह् (14 नवंबर)

पारण तिथि-15 नवंबर 

पारण समय सुबह 06:44 से 08:55 तक 

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