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जानिए, गुरुवार व्रत की कथा, पढ़ने से होती है सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 17 2017 12:24PM IST
जानिए, गुरुवार व्रत की कथा, पढ़ने से होती है सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति

भगवान बृहस्पति को सुख औऱ संपत्ति का देवता माना गया है। भगवान बृहस्पति को पीले रंग की चीजों से अधिक लगाव है।

इसीलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है साथ ही पीले रंग की चीजों का सेवन करना भी शुभ माना गया है। बृहस्पतिवार का व्रत घर की गृहिणियों को करना चाहिए। यह उनके और उनके परिवार के लिए बेहद ही समृद्धि से भरा व्रत है।

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व्रत की कथा

किसी ग्राम में एक साहूकार रहता था। उसके घर में अन्न, वस्त्र, धन की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसकी पत्नी बहुत ही कंजूस थी। वह कभी किसी भी भिक्षार्थी को कुछ न नहीं देती थी। एक बृहस्पतिवार के दिन एक साधु महाराज उसके घर आए और भिक्षा मांगी।
 
लेकिन साहूकारनी ने कहा कि महाराज! मैं घर लीप रही हूं। मेरा हाथ खाली नहीं है, अन्यथा मैं आपको अभी कुछ नहीं दे सकती। वही साधु महाराज कुछ दिन बाद फिर आए, तो उस स्त्री ने कहा कि मैं अभी अपने बच्चे को खाना खिला रही हूं। हाथ खाली नहीं है, आप किसी और समय आना। इसके बाद तीसरी बार भी साधु महाराज आए, तो साहूकारनी ने उन्हें वैसे ही टालना चाहा।
 
फिर साधु महाराज ने कहा कि यदि तुम्हें पूरा समय मिल जाए और तुम खाली रहो तो क्या तुम मुझको भिक्षा दोगी। साधु महाराज की बात सुनकर साहूकारनी ने उनकी हां में हां मिला दी। इसके पश्चात साधु महाराज ने कहा कि मैं तुम्हें उपाय बताता हूं। तुम बृहस्पतिवार को सूरज निकलने के बाद उठना, सारे घर में झाड़ू लगाकर कूड़े को एक तरफ कोने में जमा करके रख देना।
 
 
इसके बाद घर के पुरूषों को दाढ़ी बनवाने अवश्य भेजना। रसोई बनाकर चूल्हे के पीछे रखना, सामने कभी मत रखना। अंधेरा होने पर दीपक जलाना और गुरुवार को कभी पीले वस्त्र मत पहनना, ना ही पीले रंग की वस्तु खाना। ऐसा करने से जल्द ही तुम्हें घर का कोई काम नहीं करना पड़ेगा। इसके बाद वह हर बृहस्पतिवार ऐसा ही करती गई।
 
अब कुछ समय बाद उसके घर में खाने का एक दाना न रहा। कुछ समय बाद वही साधउ महात्मा आए। साहूकारनी कहने लगी, हे! महाराज! मेरे घर में ही खाने को अन्न नहीं है। मैं आपको क्या दे सकती हूं। तब साधु महाराज ने कहा जब तुम्हारे पास सबकुछ था तब भी कुछ न देती थी और अब पूरा-पूरा अवकाश है तब भी कुछ न देती हो। अब क्या चाहती हो, वह कहो।
 
अब उस स्त्री ने साधु को पहचान लिया और उनके पैर पकड़कर बोली कि महाराज, कोई ऐसा उपाय बताएं कि मेरे बुरे दिन मिट जाएं और मेरा घर पहले की तरह अन्न- धन से परिपूर्ण हो जाए। साधु महाराज ने कहा कि हर बृहस्पतिवार जल्दी उठकर, स्नान से निवृत्त होकर गाय के गोबर से घर लीपो। गुरुवार के दिन घर के पुरूष दाढ़ी ना बनवाएं।
 
 
भूखों को अन्न-जल देती रहा करो। ठीक सायंकाल में घर पर दीपक जलाओ। यदि ऐसा करोगी तो भगवान बृहस्पति तुम पर कृपा करेंगे और तुम्हारी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। साहूकारनी ने ऐसा ही किया और उसका घर शीघ्र ही सभी प्रकार के ऐश्वर्य से भर गया।
 
बृहस्पतिवार को भगवान बृहस्पति की पूजा होती है और उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। भोजन भी चने की दाल का होना चाहिए। ध्यान रहे कि इस व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन के व्रत से भगवान बृहस्पति की कृपा होती है।  
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-Tags:#Thursday Vrat#Thursday Worship#Lord Brihaspati
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